
धनतेरस 2026 का पर्व शुक्रवार, 6 नवंबर को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा होती है। माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर का पूजन भी किया जाता है। धनतेरस पर खरीदारी करना शुभ माना जाता है। इस दिन सोना, चांदी और बर्तन खरीदे जाते हैं।धनतेरस की शाम यम दीप जलाया जाता है। यम दीप प्रज्ज्वलन का समय शाम 05:33 बजे से रात 08:09 बजे तक है। पूजा के लिए भी शाम का समय शुभ माना गया है।
Dhanteras kab hai 2026 धनतेरस 2026 कब है ?
धनतेरस कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को मनाई जाती है। इसे धनत्रयोदशी भी कहा जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि का प्राकट्य हुआ था। भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसी कारण बर्तन खरीदने की परंपरा है।
धनतेरस का महत्व
- धनतेरस का धार्मिक महत्व बहुत अधिक है। इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा होती है। उन्हें आयुर्वेद और चिकित्सा का देवता माना जाता है। भक्त अच्छे स्वास्थ्य की कामना करते हैं।
- धनतेरस पर चांदी खरीदने की परंपरा भी है। चांदी को चंद्रमा का प्रतीक माना जाता है। चंद्रमा शीतलता का प्रतीक है। संतोष को भी सबसे बड़ा धन माना गया है।
- धनतेरस पर धनिया के बीज भी खरीदे जाते हैं। कुछ स्थानों पर झाड़ू खरीदने की परंपरा है। दीपावली के लिए लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां भी खरीदी जाती हैं।
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धनतेरस पर क्या खरीदें ?
1. धनतेरस पर सोना खरीद सकते हैं। चांदी भी खरीदी जाती है। इस दिन नए बर्तन खरीदने की परंपरा है। धातु की अन्य वस्तुएं भी खरीदी जा सकती हैं।
2. लक्ष्मी और गणेश की मूर्तियां खरीद सकते हैं। चांदी का सिक्का भी खरीदा जा सकता है। सिक्के पर गणेश-लक्ष्मी का चित्र हो सकता है।
3. मूर्ति या सिक्के पर केसर का तिलक करें। इन्हें लाल या पीले कपड़े पर रखें। दीपावली के दिन इनका पूजन करें। बाद में इन्हें तिजोरी में रख सकते हैं।
धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त
धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 06:01 बजे से 07:58 बजे तक है।
प्रदोष काल: शाम 05:31 बजे से रात 08:08 बजे तक।
यम दीप प्रज्ज्वलन: शाम 05:33 बजे से रात 08:09 बजे तक।
धनतेरस खरीदारी का शुभ समय
धनतेरस पर खरीदारी के कई शुभ समय हैं। सोना और चांदी इन समयों में खरीदे जा सकते हैं।
- दोपहर: 12:05 बजे से 01:27 बजे तक
- शाम: 04:10 बजे से 05:32 बजे तक
- रात: 08:49 बजे से 10:27 बजे तक
मुहूर्त स्थान के अनुसार बदल सकता है। इसलिए स्थानीय पंचांग भी देखें।
धनतेरस पूजन सामग्री
पूजा के लिए आवश्यक सामग्री पहले तैयार कर लें। इससे पूजा में परेशानी नहीं होगी।
- एक आटे का दीपक
- तीन मिट्टी के दीपक
- रूई की बत्ती
- सरसों का तेल या घी
- माचिस
- एक छेद वाली कौड़ी
- फूल
- चावल
- रोली
- गंगाजल
- चम्मच
- चीनी या शक्कर
- आसन
- मिठाई या नैवेद्य
- धूप और धूपदान
- एक चौकी
धनतेरस पूजन विधि
सबसे पहले पूजा स्थान साफ करें। चौकी को धोकर सुखा लें। चौकी पर स्वास्तिक बनाएं। इसके बाद दीपक तैयार करें।
आटे का दीपक बनाएं। इसमें सरसों का तेल डालें। दीपक में छेद वाली कौड़ी डालें। अब दीपक को प्रज्वलित करें।
दीपक के चारों ओर गंगाजल छिड़कें। ऐसा तीन बार करें। दीपक पर रोली से तिलक लगाएं। इसके बाद चावल अर्पित करें।
दीपक में थोड़ी चीनी या शक्कर डालें। एक रुपये का सिक्का भी डालें। दीपक पर फूल चढ़ाएं। सभी लोग दीपक को प्रणाम करें।
यम दीप प्रज्ज्वलन
धनतेरस की शाम यम दीप जलाया जाता है। यम दीप का समय शाम 05:33 बजे से रात 08:09 बजे तक है।
दीपक को घर के मुख्य द्वार के बाहर रखें। इसे दाहिनी ओर रखा जाता है। दीपक की लौ दक्षिण दिशा की ओर रखें।
इसके बाद सभी परिवारजन हाथ जोड़कर प्रार्थना करें:
“हे यमदेव! हमारे घर पर अपनी दयादृष्टि बनाए रखना। परिवार के सभी सदस्यों की रक्षा करना।”
धन्वंतरि पूजन विधि
यम दीप की पूजा के बाद भगवान धन्वंतरि की पूजा करें। पूजा स्थान पर धूप और दीप जलाएं। भगवान को अक्षत और चंदन अर्पित करें। नैवेद्य भी अर्पित करें।
इसके बाद धन्वंतरि मंत्र का जाप करें। मंत्र का 108 बार जाप करने की परंपरा है।
ॐ धं धन्वंतरये नमः
जाप पूरा होने पर दोनों हाथ जोड़ें। भगवान धन्वंतरि से प्रार्थना करें:
“हे भगवान धन्वंतरि! ये जाप मैं आपके चरणों में समर्पित करता हूँ। कृपया हमें उत्तम स्वास्थ्य प्रदान करें।”
इसके बाद लक्ष्मी जी का घी का दीपक जलाएं। माता लक्ष्मी की पूजा करें। सुख और समृद्धि की प्रार्थना करें।
धन्वंतरि देव का पौराणिक मंत्र
ॐ नमो भगवते महासुदर्शनाय वासुदेवाय धन्वंतराये:
अमृतकलश हस्ताय सर्व भयविनाशाय सर्व रोगनिवारणाय
त्रिलोकपथाय त्रिलोकनाथाय श्री महाविष्णुस्वरूप
श्री धन्वंतरि स्वरूप श्री श्री श्री औषधचक्र नारायणाय नमः॥
धनतेरस पर किसकी पूजा करें ?
धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि की पूजा करें। माता लक्ष्मी का पूजन भी करें। भगवान कुबेर की पूजा भी की जाती है। यमराज के लिए यम दीप जलाएं।
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Dhanteras 2026 FAQs
Q1. धनतेरस 2026 कब है ?
धनतेरस 2026 में शुक्रवार, 6 नवंबर को है।
Q2. धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है ?
पूजा का शुभ समय शाम 06:01 बजे से 07:58 बजे तक है।
Q3. यम दीप 2026 में कब जलाएं ?
यम दीप शाम 05:33 बजे से रात 08:09 बजे तक जलाएं।
Q4. धनतेरस पर क्या खरीदें ?
धनतेरस पर सोना और चांदी खरीद सकते हैं। बर्तन खरीदना भी शुभ माना जाता है। लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति भी खरीद सकते हैं।
Q5. धनतेरस पर किसकी पूजा होती है ?
इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा होती है। माता लक्ष्मी और कुबेर का पूजन भी किया जाता है।
Q6. यम दीप क्यों जलाया जाता है ?
धार्मिक मान्यता में यम दीप का विशेष महत्व है। इसे अकाल मृत्यु से रक्षा के लिए जलाया जाता है।
Q7. धन्वंतरि मंत्र क्या है ?
ॐ धं धन्वंतरये नमः भगवान धन्वंतरि का सरल मंत्र है। इसका 108 बार जाप किया जाता है।
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