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सोमवती अमावस्या 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत कथा और उपाय

सोमवती अमावस्या 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत कथा, महत्व और उपाय

सोमवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहा जाता है। हिंदू धर्म में इस दिन का विशेष महत्व माना गया है। इस दिन भगवान शिव, माता पार्वती और पितरों की पूजा करने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है। मान्यता है कि सोमवती अमावस्या के दिन स्नान, दान, जप, तप और पीपल पूजन करने से जीवन में सुख, समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

सोमवती अमावस्या 2026 कब है ?

वर्ष 2026 में सोमवती अमावस्या दो बार पड़ रही है:

  • 15 जून 2026, सोमवार – ज्येष्ठ सोमवती अमावस्या
  • 9 नवंबर 2026, सोमवार – कार्तिक सोमवती अमावस्या

सोमवती अमावस्या 2026 शुभ मुहूर्त

जून 2026 सोमवती अमावस्या

  • अमावस्या तिथि प्रारंभ: 14 जून 2026, दोपहर 12:20 बजे
  • अमावस्या तिथि समाप्त: 15 जून 2026, सुबह 08:24 बजे

नवंबर 2026 सोमवती अमावस्या

  • अमावस्या तिथि प्रारंभ: 8 नवंबर 2026, सुबह 11:27 बजे
  • अमावस्या तिथि समाप्त: 9 नवंबर 2026, दोपहर 12:31 बजे

महत्वपूर्ण: उदया तिथि के अनुसार 15 जून और 9 नवंबर 2026 को व्रत, स्नान, दान और पूजा करना विशेष फलदायी रहेगा।

सोमवती अमावस्या का धार्मिक महत्व

सोमवती अमावस्या को भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ अवसर माना जाता है। इस दिन किया गया जप, तप, दान और व्रत कई गुना फलदायी माना जाता है। विवाहित महिलाएं अखंड सौभाग्य और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए यह व्रत रखती हैं।

  • पितृ दोष से मुक्ति मिलती है।
  • दांपत्य जीवन में सुख और प्रेम बढ़ता है।
  • संतान सुख की प्राप्ति होती है।
  • आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं।
  • भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
  • पितरों का आशीर्वाद मिलता है।

Somvati Amavasya Puja Vidhi (सोमवती अमावस्या पूजा विधि)

  1. ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें।
  2. स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  3. भगवान शिव और माता पार्वती का पूजन करें।
  4. शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र और धतूरा अर्पित करें।
  5. ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करें।
  6. पीपल वृक्ष पर जल अर्पित करें।
  7. पीपल वृक्ष की 108 परिक्रमा करें।
  8. पितरों के निमित्त तर्पण करें।
  9. गरीबों एवं जरूरतमंदों को दान दें।
  10. व्रत कथा का श्रवण या पाठ करें।

सोमवती अमावस्या व्रत कथा

पौराणिक कथा के अनुसार एक ब्राह्मण की पुत्री के विवाह में वैधव्य दोष था। एक संत ने बताया कि यदि वह सोमवती अमावस्या का व्रत करने वाली पुण्यवती स्त्री का आशीर्वाद प्राप्त कर ले, तो उसका दोष समाप्त हो सकता है।

कन्या ने श्रद्धा और भक्ति से उस स्त्री की सेवा की। उसकी निष्ठा से प्रसन्न होकर पुण्यवती स्त्री ने उसे अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद दिया। परिणामस्वरूप उसका वैधव्य दोष समाप्त हो गया और उसका वैवाहिक जीवन सुखमय हो गया। तभी से यह व्रत अखंड सौभाग्य के लिए विशेष माना जाता है।

पीपल पूजा का महत्व

धार्मिक मान्यता के अनुसार पीपल वृक्ष में भगवान विष्णु, ब्रह्मा और समस्त देवताओं का निवास माना जाता है। सोमवती अमावस्या के दिन पीपल वृक्ष की पूजा और परिक्रमा करने से पितरों की कृपा प्राप्त होती है तथा अनेक प्रकार के दोष दूर होते हैं।

सोमवती अमावस्या के विशेष उपाय

धन प्राप्ति के लिए

पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।

पितृ दोष निवारण के लिए

काले तिल मिश्रित जल से पितरों का तर्पण करें।

वैवाहिक सुख के लिए

भगवान शिव और माता पार्वती का संयुक्त पूजन करें।

नौकरी और व्यापार में सफलता के लिए

महामृत्युंजय मंत्र का 108 बार जाप करें।

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सोमवती अमावस्या पर क्या करें ?

  • ✔️ पवित्र नदी में स्नान करें।
  • ✔️ भगवान शिव का रुद्राभिषेक करें।
  • ✔️ पितरों का तर्पण करें।
  • ✔️ पीपल वृक्ष की पूजा करें।
  • ✔️ अन्न, वस्त्र और तिल का दान करें।

सोमवती अमावस्या पर क्या न करें ?

  • ❌ किसी का अपमान न करें।
  • ❌ क्रोध और विवाद से बचें।
  • ❌ तामसिक भोजन का सेवन न करें।
  • ❌ पीपल वृक्ष को नुकसान न पहुंचाएं।
  • ❌ असत्य और छल-कपट से दूर रहें।

निष्कर्ष

सोमवती अमावस्या 2026 भगवान शिव की कृपा, पितरों के आशीर्वाद और जीवन में सुख-समृद्धि प्राप्त करने का महत्वपूर्ण अवसर है। इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा, व्रत, दान तथा तर्पण करने से अनेक शुभ फल प्राप्त होते हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

सोमवती अमावस्या 2026 कब है ?

वर्ष 2026 में सोमवती अमावस्या 15 जून और 9 नवंबर को पड़ रही है।

सोमवती अमावस्या का व्रत कौन रख सकता है ?

स्त्री और पुरुष दोनों यह व्रत रख सकते हैं।

सोमवती अमावस्या पर किस देवता की पूजा की जाती है ?

भगवान शिव, माता पार्वती और पितरों की पूजा की जाती है।

पीपल की पूजा क्यों की जाती है ?

पीपल वृक्ष में देवताओं का वास माना गया है, इसलिए इसकी पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है।

सोमवती अमावस्या पर कौन सा दान करना चाहिए ?

अन्न, वस्त्र, तिल, गुड़ और दक्षिणा का दान शुभ माना जाता है।

⚠️ डिसक्लेमर

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