🐍 नाग पंचमी 2026: पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, मंत्र, कथा और उपाय
नागपंचमी हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो नाग देवता की पूजा के लिए समर्पित है। इस दिन श्रद्धा से पूजा करने पर सर्प भय दूर होता है और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।
हर वर्ष श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पञ्चमी का त्यौहार मनाया जाता है, नाग पंचमी के दिन घर के द्वार के दोनों ओर गोबर के सर्प बनाकर उनका दही, दूर्वा, कुशा, गंध, अक्षत, पुष्प, मोदक और मालपुआ आदि अर्पित कर पूजन करना चाहिए। इस दिन अनंत, वासुकि, शेष, पद्मनाभ, कंबल, कर्कोटक, अश्व, धृतराष्ट्र, शंखपाल, कालीया तथा तक्षक इन नागों के नाम हल्दी और चंदन से दिवार पर लिखने से सर्प भय से मुक्ति मिलती है। इस दिन नाग पूजा और रुद्राभिषेक का विशेष महत्व होता है।
📅 नाग पंचमी 2026 तिथि
17 अगस्त 2026 (सोमवार)
🕉️ पंचमी तिथि समय
- प्रारंभ: 16 अगस्त 2026, शाम 04:52 बजे
- समाप्त: 17 अगस्त 2026, शाम 05:00 बजे
⏰ नाग पंचमी 2026 शुभ मुहूर्त
- 🌅 प्रातः काल मुहूर्त (सबसे शुभ): 05:51 AM – 08:29 AM
- ☀️ दोपहर मुहूर्त (वैकल्पिक): 10:30 AM – 01:00 PM
👉 सबसे उत्तम समय: सुबह सूर्योदय के बाद का समय
🪔 नाग पंचमी पूजा विधि
- सुबह स्नान करके साफ वस्त्र पहनें
- सबसे पहले भगवान शिव का पूजन करें
- शिवलिंग पर जल और बेलपत्र चढ़ाएं
- नाग देवता को हल्दी, रोली और फूल अर्पित करें
- कच्चा दूध प्रतीकात्मक रूप से अर्पित करें
- घर के मुख्य द्वार पर सर्प की आकृति बनाएं
- मंत्र जाप करें और आरती करें
🕉️ नाग पंचमी मंत्र
मुख्य मंत्र:
अनन्तं वासुकिं शेषं पद्मनाभं च कम्बलम्। शंखपाल धृतराष्ट्रं तक्षकं कालियं तथा।।
नाग गायत्री मंत्र:
ॐ नागकुलाय विद्महे विषदन्ताय धीमहि। तन्नो सर्पः प्रचोदयात्।।
🙏 नाग पंचमी का महत्व
- सर्प भय दूर होता है
- राहु-केतु दोष शांत होते हैं
- धन और समृद्धि प्राप्त होती है
- पूर्वजों की कृपा मिलती है
⚠️ नाग पंचमी के दिन क्या न करें
- भूमि न खोदें
- साग न काटें
- हल न चलाएं
- सिलाई न करें
- लोहे के बर्तन में भोजन न पकाएं
🔮 राहु-केतु दोष के उपाय
रस्सी में 7 गांठ लगाकर सर्प बनाएं और पूजा करें।
- ॐ रां राहवे नमः
- ॐ कें केतवे नमः
Must Read कालसर्प दोष: जानें क्या है कालसर्प दोष ? कालसर्प दोष को दूर करने हेतु अचूक उपाय
❓ FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
Q1. नागपंचमी 2026 कब है ?
👉 17 अगस्त 2026 को नागपंचमी मनाई जाएगी।
Q2. पूजा का शुभ समय क्या है ?
👉 सुबह 05:51 से 08:29 बजे तक सबसे शुभ मुहूर्त है।
Q3. नागपंचमी क्यों मनाई जाती है ?
👉 नाग देवता की पूजा और सर्प दोष से मुक्ति के लिए।
Q4. क्या दूध चढ़ाना चाहिए ?
👉 हाँ, लेकिन प्रतीकात्मक रूप से चढ़ाना चाहिए।
Must Read Kalsarpa and Nagadosha जानें कालसर्प और नागदोष में अंतर
🔱 निष्कर्ष:
नागपंचमी के दिन श्रद्धा से पूजा करने पर जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। इस दिन भगवान शिव के साथ नाग देवता की पूजा अवश्य करें।
⚠️ डिसक्लेमर
इस लेख में दी गई किसी भी जानकारी की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है।
विभिन्न माध्यमों जैसे ज्योतिषियों, पंचांग, मान्यताओं या धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं।
हमारा उद्देश्य केवल सूचना पहुंचाना है। इसके सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दी जा सकती।
कृपया किसी भी प्रकार के उपयोग से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।

Leave A Comment