शुद्ध भक्त के समीप सदैव कृष्ण रहते ही हैँ….
शुद्ध भक्त कृष्ण की शरण में जाओ या उनके शुद्ध
शुद्ध भक्त कृष्ण की शरण में जाओ या उनके शुद्ध
"वासुदेव परा वेदा वासुदेव परा मखा :। वासुदेव परा योगा
जिसका उदय होना निश्चित हैं उसके लिए प्रकृति भी रास्ता
जीवन की सबसे बड़ी गलती वही होती है, जिस गलती
कोई लड़ ले प्रेम में तो बुरा नहीं लगता पर
कामना वाला मनुष्य सदा दु:खी क्यों रहता है। हरे कृष्णा
थकान भरी इस दुनिया में सुकून सिर्फ तुम हो फरेबी
जहां पवित्रता है वहां भगवान है इसलिए पवित्रता अति आवश्यक
जो मीला हैं,उसे प्रभु प्रसाद मान लो तो हमेशा संतुष्ट
जानिए क्या है मासिक शिवरात्री का महत्व || Masik