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Jitiya vrat: जानें जीवित पुत्रिका (जितिया) व्रत विधि महत्व और कथा
जीवित पुत्रिका (जितिया) व्रत विधि महत्व और कथा आश्विन मास के कृष्णपक्ष की प्रदोषकाल व्यापिनी अष्टमी के दिन माताएं संतानों के स्वस्थ, सुखी और दीर्घायु जीवन के लिये जीवित्पुत्रिका व्रत
पितृ पक्ष: जानें पितृ सम्बंधित कार्य दोपहर मे क्यों होता है और कौओं को क्यों माना जाता है पितर ?
जानें पितृ सम्बंधित कार्य दोपहर मे क्यों होता है ? पितृ पक्ष में क्यों देते हैं कौए को भोजन ? पितृ पक्ष, पितरों का याद करने का समय माना गया
Tarpan: जानें क्या है तर्पण और पितृ सम्पूर्ण तर्पण विधि
देव, ऋषि और पितृ सम्पूर्ण तर्पण विधि ।।ॐ अर्यमा न त्रिप्य्ताम इदं तिलोदकं तस्मै स्वधा नमः। ॐ मृत्योर्मा अमृतं गमय।। पितरों में अर्यमा श्रेष्ठ है। अर्यमा पितरों के देव हैं।
श्री गोबर गणेश मंदिर निमाड़ मध्यप्रदेश: जानें इस मंदिर में विराजमान हैं गोबर और मिट्टी के गणेश
इस मंदिर में विराजमान हैं गोबर और मिट्टी के गणेश मध्य प्रदेश के निमाड़ क्षेत्र में नर्मदा नदी के किनारे बसा माहेश्वर एक महत्वपूर्ण कस्बा है। इसी कस्बे के महावीर
वामन अवतार पूजन विधि मंत्र आरती और कथा | Vamana Avatar worship method, mantra, aarti and story
वामन अवतार जन्मोत्सव वामन अवतार पूजन विधि और कथा | Vamana Avatar Birth Anniversary Vamana Avatar Worship Method and Story भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की द्वादशी के दिन ही
दूर्वाष्टमी व्रत: जानें दूर्वा अष्टमी व्रत विधि महत्व और कथा
अष्टमी व्रत विधि महत्व और कथा हिन्दू पंचांग के अनुसार, दूर्वा अष्टमी का पर्व भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन दूर्वा घास
Rishi Panchami: ऋषि पंचमी व्रत विधि महत्व और कथा
भाद्रपद की शुक्ल पंचमी को ऋषि पंचमी के रूप में मनाया जाता है, इस दिन ऋषियों की पूजा की जाती है। ऋषि पंचमी के दिन महिलाएं ऋषियों की पूजा कर
वराह जन्मोत्सव: जानें वराह अवतार पूजन विधि महत्व मंत्र एवं वराह स्तोत्र वराह कवच पाठ
वराह अवतार जन्मोत्सव विशेष जानें वराह अवतार पूजन विधि महत्व मंत्र एवं वराह स्तोत्र वराह कवच पाठ भादों मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया को भगवान विष्णु अपने तृतीय अवतार
Bhadrapada month: भाद्रपद मास का महत्व और कथा
भाद्रपद मास का महत्व और कथा सावन महीने से लेकर कार्तिक मास तक सनातन धर्म में पर्वों का चरणबद्ध क्रम रहता है। शिवमास सावन के बाद, भाद्रपद (भादो) महीने की