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Mahamrityunjaya Mala Mantra: जानें महामृत्युञ्जय माला मन्त्रः
जानें महामृत्युञ्जय माला मन्त्रः Mahamrityunjaya Mala Mantra ॥ध्यानम्॥ ध्यायेन्मृत्युञ्जयं साम्बं नीलकण्ठं चतुर्भुजम्। चन्द्रकोटिप्रतीकाशं पूर्णचन्द्रनिभाननम् ॥१॥ बिम्बाधरं विशालाक्षं चन्द्रालङ्कृतमस्तकम्। अक्षमालाम्बरधरं वरदं चाभयप्रदम् ॥२॥ महार्हकुण्डलाभूषं हारालङ्कृतवक्षसम्। भस्मोद्धूलितसर्वाङ्गं फालनेत्रविराजितम् ॥३॥ व्याघ्रचर्मपरीधानं व्यालयज्ञोपवीतिनम्। पार्वत्या
भद्रा काल विचार: जानें भद्रा पर सम्पूर्ण व्याख्या
एक हिन्दु तिथि में दो करण होते हैं. जब विष्टि नामक करण आता है तब उसे ही भद्रा कहते हैं. माह के एक पक्ष में भद्रा की चार बार पुनरावृति
मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग: जानें मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग की कथा
मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग की कथा कथा के अनुसार भगवान शंकर के दोनों पुत्रों में आपस में इस बात पर विवाद उत्पन्न हो गया कि पहले किसका विवाह होगा. जब श्री गणेश
काली सहस्त्रनाम: जानें काली सहस्त्रनाम सौ समस्या का एक इलाज
भैरव-तन्त्र के अनुसार साधक को अपनी साधना की सम्पूर्णत: निर्विघ्न सिद्धि के निमित्त कालिका देवी की उपासना करना अपरिहार्य है भगवती काली ही तंत्रों के प्रवर्तक भगवान सदाशिव की आह्लादनी
बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग: जानें बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग की कहानी
बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग देवघर की कथा बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक पवित्र वैद्यनाथ शिवलिंग झारखंड के देवघर में स्थित है. इस जगह को लोग बाबा बैजनाथ धाम के नाम से भी
भृंगी की कथा: महादेव के गणों मे एक हैं भृंगी। एक महान शिवभक्त के रुप में भृंगी का नाम अमर है
महादेव के गणों मे एक हैं भृंगी। एक महान शिवभक्त के रुप में भृंगी का नाम अमर है भृंगी की कथा महादेव के गणों मे एक हैं भृंगी। एक महान
जानें भद्रा कौन थी और भद्रा को क्यों माना जाता है अशुभ ?
कौन थी भद्रा भद्रा को क्यों माना जाता है अशुभ ? ज्योतिष शास्त्र में तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण के स्पष्ट मान आदि को पंचांग कहा जाता है। पंचांग
नागेश्वर ज्योतिर्लिंग की कथा: नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन मात्र से हो जाता है पापों का अंत
जानें द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक श्री नागेश्वर ज्योतिर्लिंग की कथा नागेश्वर मन्दिर एक प्रसिद्द मन्दिर है जो भगवान शिव को समर्पित है। यह द्वारका, गुजरात के बाहरी क्षेत्र में
अन्नपूर्णा स्तोत्र: जानें माता श्री अन्नपूर्णा स्तोत्र हिंदी अर्थ सहित
माता श्री अन्नपूर्णा स्तोत्र हिंदी अर्थ सहित मागर्शीष शुक्ल पूर्णिमा के दिन माँ पार्वती के अन्नपूर्णा स्वरूप के अवतरण दिवस को अन्नपूर्णा प्राकट्योत्सव के रूप में मनाया जाता है, इसी