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धन लाभ पाने के लिए किस दिशा में करें लक्ष्मी मंत्र जाप
इस दिशा में मुंह करके करें मंत्र जाप, होगा धन लाभ मां धनलक्ष्मी केवल धन की देवी नहीं हैं। वे श्री स्वरूप हैं। वे वैभव के साथ सद्बुद्धि भी देती
जन्मकुंडली में चंद्र पर राहु-केतु का प्रभाव व उपाय
जन्मकुंडली में चंद्र पर राहु-केतु का प्रभाव, दोष और उपाय ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा मन का कारक ग्रह है। जब जन्मकुंडली में चंद्र पर राहु, केतु या शनि का प्रभाव
श्री सत्यनारायण व्रत 2026 की सभी पूर्णिमा तिथियाँ | Satyanarayan Vrat 2026 Dates
श्री सत्यनारायण व्रत 2026 की सभी पूर्णिमा तिथियाँ श्री सत्यनारायण व्रत भगवान श्री हरि विष्णु को समर्पित एक अत्यंत पावन व्रत है। यह व्रत मुख्य रूप से पूर्णिमा तिथि को
द्वितीया चंद्र दर्शन का महत्व | चंद्र दर्शन विधि, मंत्र, मुहूर्त व उपाय
🌙 (द्वितीया) चंद्र दर्शन: पौराणिक एवं ज्योतिषीय महत्त्व चंद्र दर्शन का हिंदू धर्म में अत्यंत प्राचीन और विशेष महत्व है। पौराणिक काल से चंद्रमा को देवता स्वरूप माना गया है।
श्री हनुमान यंत्र: पूजा विधि, मंत्र, लाभ और स्थापना नियम
🔱 श्री हनुमान यंत्र: महत्व, पूजा विधि, मंत्र, लाभ और स्थापना नियम श्री हनुमान यंत्र भगवान बजरंगबली की असीम शक्ति और सुरक्षा का दिव्य प्रतीक है। यह यंत्र भय, बाधा
श्री हनुमत तांडव स्तोत्र | पाठ, लाभ, विधि, pdf और महत्व
श्री हनुमत तांडव स्तोत्र | पाठ, लाभ, विधि, pdf और महत्व श्री हनुमत तांडव स्तोत्र एक अत्यंत प्रभावशाली स्तुति है। इसका नित्य पाठ भय, ग्रहदोष और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा
शास्त्रानुसार अपने कुलदेवी, कुलदेवता और इष्टदेव कैसे पहचानें
शास्त्रानुसार अपने कुलदेवी, कुलदेवता और इष्टदेव कैसे पहचानें ? शास्त्रों की मान्यतानुसार अपने इष्टदेव की सच्ची आराधना करने से साधक को मनोवांछित फल, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती
विष्णु सहस्रनाम | पूर्ण पाठ, pdf, महत्व, लाभ, और फलश्रुति
Vishnu Sahasranama pdf विष्णु सहस्रनाम सनातन धर्म का अत्यंत पवित्र स्तोत्र है। इसमें भगवान श्रीहरि विष्णु के एक हजार दिव्य नामों का वर्णन है। यह स्तोत्र महाभारत के अनुशासन पर्व
श्रीललिता सहस्त्रार्चन विधि: श्रीयंत्र पूजा विधि, लाभ, नियम और संपूर्ण प्रक्रिया
⭐ श्रीललिता सहस्त्रार्चन की अत्यंत सूक्ष्म विधि | Shree Lalita Sahasrarachana Pujan Vidhi |श्रीयंत्र पूजा विधि, लाभ, नियम और संपूर्ण प्रक्रिया चतुर्भिः शिवचक्रे शक्ति चके्र पंचाभिः। नवचक्रे संसिद्धं श्रीचक्रं शिवयोर्वपुः॥