जन्मकुंडली में चंद्र पर राहु-केतु का प्रभाव, दोष और उपाय

ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा मन का कारक ग्रह है।

जब जन्मकुंडली में चंद्र पर राहु, केतु या शनि का प्रभाव होता है, तब जातक को मानसिक अशांति का सामना करना पड़ता है।

ऐसी स्थिति को मातृ ऋण से जोड़ा जाता है।

चंद्र पर राहु-केतु का प्रभाव क्यों अशुभ माना जाता है ?

चंद्रमा मन, भावनाओं और माता का कारक है।

राहु-केतु छाया ग्रह हैं।

इनका प्रभाव भ्रम, भय और अस्थिरता बढ़ाता है।

जातक को बार-बार निर्णय बदलने की आदत होती है।

मातृ ऋण, पितृ ऋण, देव ऋण और ऋषि ऋण

मातृ ऋण

चंद्र पर राहु-केतु या शनि का प्रभाव

माता से कष्ट, मन की अशांति

घरेलू तनाव

पितृ ऋण

सूर्य पर शनि, राहु या केतु की युति/दृष्टि

मान-सम्मान में कमी

संतान से कष्ट या संतानाभाव

देव ऋण

ईश्वर, इष्टदेव या कुलदेवता की उपेक्षा

घर में पूजा-स्थान का अभाव

सुख-समृद्धि में बाधा

ऋषि ऋण

गोत्र ऋषि का तर्पण न करना

पितरों की उपेक्षा

पीढ़ी-दर-पीढ़ी कष्ट

राहु के साथ ग्रहों के दोष

  1. राहु + सूर्य = पिता दोष
  2. राहु + चंद्र = माता दोष
  3. राहु + बृहस्पति = दादा दोष
  4. राहु + शनि = सर्प एवं संतान दोष

वेदों में चंद्रमा का महत्व

यजुर्वेद के अनुसार चंद्रमा मन से उत्पन्न हुआ है।

इसलिए मानसिक शांति का प्रमुख ग्रह चंद्रमा माना गया है।

चंद्रमा का सामान्य परिचय

राशि स्वामी – कर्क

उच्च – वृष

नीच – वृश्चिक

रत्न – मोती

रंग – श्वेत

अंक – 2, 11, 20

दिशा – उत्तर-पश्चिम

चंद्र कमजोर हो तो होने वाले रोग

मानसिक तनाव

अनिद्रा

हृदय रोग

दमा, बलगम

गर्भाशय व मूत्र संबंधी रोग

बार-बार विचार बदलना

चंद्र से संबंधित दान योग्य वस्तुएं

सोमवार को दान करें –

चावल

दूध

चांदी

मोती

दही

मिश्री

सफेद वस्त्र

साथ ही माता, दादी, नानी और सास का आशीर्वाद लें।

भावों के अनुसार चंद्र दोष के उपाय

प्रथम भाव

वट वृक्ष की जड़ में जल

चांदी धारण करें

पूर्णिमा को शिवजी को खीर

द्वितीय भाव

मकान की नींव में चांदी

माता का आशीर्वाद

तृतीय भाव

चांदी का कड़ा

दूध-चावल दान

चतुर्थ भाव

घर में जल जमाव न हो

माता से चांदी लेकर रखें

पंचम भाव

ब्रह्मचर्य पालन

11 सोमवार कन्याओं को खीर

षष्ठ भाव

सास-माता की सेवा

रात में दूध न पिएं

सप्तम भाव

माता को कष्ट न दें

दूध-पानी का व्यापार न करें

अष्टम भाव

श्राद्ध कर्म

छल-कपट से दूर रहें

नवम भाव

मंदिर में दूध-चावल दान

बुजुर्ग स्त्रियों का आशीर्वाद

दशम भाव

रात में दूध न लें

नि:शुल्क दवा वितरण

एकादश भाव

भैरव मंदिर में दूध

दूध का दान

द्वादश भाव

वर्षा जल घर में रखें

नियमित मंदिर दर्शन

चंद्र दोष में क्या न करें ?

रात में दूध न पिएं

सफेद वस्त्र न पहनें

मोती धारण न करें

चंद्रमा के मंत्र

बीज मंत्र

ॐ स्रां स्रीं स्रों सः चन्द्रमसे नमः

जप संख्या: 11,000

वैदिक मंत्र

ॐ दधिशंखतुषाराभं क्षीरोदार्णवसम्भवम्।

नमामि शशिनं सोमं शम्भोर्मुकुटभूषणम्॥

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निष्कर्ष

चंद्र दोष जीवन में मानसिक अशांति लाता है।

सही उपाय और श्रद्धा से मातृ ऋण व पितृ ऋण से मुक्ति संभव है।

शास्त्रानुसार आचरण से जीवन सुखी बनता है।

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डिसक्लेमर

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