राहू का द्वादश भाव मे फल और उसके उपाय 

राहु ग्रह, कुंडली में स्थित 12 भावों पर विभिन्न तरह से प्रभाव डालता है। इन प्रभावों का असर हमारे प्रत्यक्ष जीवन पर पड़ता है। ज्योतिष में राहु एक क्रूर ग्रह है, परंतु यदि राहु कुंडली में मजबूत होता है तो जातकों को इसके अच्छे परिणाम मिलते हैं जबकि कमज़ोर होने पर यह अशुभ फल देता है। आइए विस्तार से जानते हैं राहु ग्रह के विभिन्न भावों पर किस तरह का प्रभाव पड़ता है

राहू का पहले भाव में फल (Effect of Rahu in the first house in Hindi) 

पहला घर मंगल और सूर्य से प्रभावित होता है, यह घर किसी सिंहासन की तरह होता है। पहले घर में बैठा ग्रह सभी ग्रहों का राजा माना जाता है। जातक अपनी योग्यता से बडा पद प्राप्त करेगा। उसे सरकार से भी अच्छे परिणाम मिलेंगे। इस घर में राहू उच्च के सूर्य के समान परिणाम देगा। लेकिन सूर्य जिस भाव में बैठा है उस भाव के फल प्रभावित होंगे। यदि मंगल, शनि और केतू कमजोर हैं तो राहू बुरे परिणाम देगा अन्यथा यह पहले भाव में अच्छे परिणाम देगा। यदि राहू नीच का हो तो जातक को कभी भी ससुराल वालों से बिजली के उपकरण या नीले कपडे नहीं लेने चाहिए, अन्यथा उसके पुत्र पर बुरा प्रभाव पडता है। राहू के दुष्परिणाम 42 साल की उम्र तक मिलते हैं।

राहू का पहले भाव के उपाय (Remedies for Rahu in the first house in Hindi)

1. बहते पानी में 400 ग्राम सुरमा बहाएं।

2. गले में चांदी पहनें।

3. 1:4 के अनुपात में जौ में दूध मिलाए और बहते पानी में बहाएं।

4. बहते पानी में नारियल बहाएं।

राहू का दूसरे भाव में फल (Effect of Rahu in the second house in Hindi)

यदि दूसरे घर में राहू शुभ अवस्था में हो तो जातक पैसा एवं प्रतिष्ठा प्राप्त करता है और किसी राजा की तरह जीवन जीता है। जातक दीर्घायु होता है। दूसरा भाव बृहस्पति और शुक्र से प्रभावित होता है। यदि बृहस्पति शुभ हो तो जातक अपनी प्रारंभिक अवस्था में धन से युक्त व आराम भरी जिन्दगी जीता है। यदि राहू नीच का हो तो जातक गरीब होता है, उसका पारिवारिक जीवन खराब होता है। वह पेट के विकारों से परेशान होता है। जातक पैसे बचाने में असमर्थ होता है और उसकी मृत्यु किसी हथियार से होती है। उसके जीवन के दसवें, इक्कीसवें और बयालीसवें वर्ष में चोरी आदि माध्यमों से उसका धन खो जाता है।

राहू का दूसरे भाव के उपाय (Remedies for Rahu in the second house in Hindi) 

1. चांदी की एक ठोस गोली अपनी जेब में रखें।

2. बृहस्पति से सम्बंधित चीजें जैसे सोना, पीले कपड़े और केसर आदि उपयोग में लाएं।

3. माँ के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध रखें।

4. शादी के बाद ससुराल वालों से कोई बिजली का उपकरण न लें।

राहू का तीसरे भाव में फल (Effect of Rahu in the third house in Hindi) 

यह राहु का पक्का घर है। तीसरा घर बुध और मंगल से प्रभावित होता है। यदि यहां राहू शुभ हो तो, बहुत धन दौलत वाला और दीर्घायु होता। वह एक निडर और वफादार दोस्त होता है। वह सपनों के माध्यम से भविष्य देख सकेगा। वह कभी नि:संतान नहीं होगा। वह शत्रुओं पर विजय पाने वाला होगा। वह कभी भी कर्जदार नहीं रहेगा। वह अपने पीछे सम्पत्ति छोड जाएगा। अपने जीवन के 22वें वर्ष में वह प्रगति करेगा। लेकिन अगर राहू तीसरे घर में अशुभ है तो उसके भाई और रिश्तेदार अपने पैसे बर्बाद करेंगे। वह किसी को पैसे उधार देगा तो वापस नहीं मिलेंगे। जातक में वाणी दोष होगा और वह नास्तिक होगा। यदि सूर्य और बुध भी राहू के साथ तीसरे घर में हों तो उसकी बहन अपनी उम्र के 22वें या 32वें साल में विधवा हो सकती है।

राहू का तीसरे भाव के उपाय (Remedies for Rahu in the third house in Hindi) 

1. घर में कभी भी हाथीदांत या हाथीदांत की वस्तुएं न रखें।

2. एक एक मुट्ठी सप्तधान्य सर से 11 बार उतार कर बहते जल में प्रवाहित करें।

राहू का चौथे भाव में फल (Effect of Rahu in the fourth house in Hindi) 

यह घर चंद्रमा का है जो कि राहू क शत्रु है। जब इस घर में रहु शुभ हो तो जातक बुद्धिमान, अमीर और अच्छी चीजों पर पैसे खर्च करने वाला होगा। तीर्थ यात्रा पर जाना जातक के लिए फायदेमंद होगा। यदि शुक्र भी शुभ हो तो शादी के बाद जातक के ससुराल वाले भी अमीर हो जाते हैं और जातक को उनसे भी लाभ मिलता है। यदि चंद्रमा उच्च का हो तो जातक बहुत अमीर हो जाता है और बुध से संबंधित कामों से बहुत लाभ कमाता है। यदि राहू नीच का या अशुभ हो और चंद्रमा कमजोर हो तो जातक गरीब होता है और जातक की मां परेशान होती है। कोयले का एकत्रीकरण, शौचालय फेरबदल, जमीन में तंदूर बनाना और छ्त में फेरबदल करना हानिकारक होगा।

राहू का चौथे भाव के उपाय (Remedies for Rahu in the fourth house in Hindi)

1. चांदी पहनें।

2. 400 ग्राम धनिया या बादाम दान करें अथवा दोनो को पानी में बहाएं।

राहू का पांचवें भाव में फल (Effect of Rahu in the fifth house in Hindi) 

पांचवां घर सूर्य का होता है जो पुरुष संतान का संकेतक है। यदि राहू शुभ हो तो जातक अमीर, बुद्धिमान और स्वस्थ होता है। वह अच्छी आमदनी और अच्छी प्रगति का आनंद पाता है। जातक भक्त या दार्शनिक होता है। यहां स्थित नीच का राहू गर्भपात करवाता है। पुत्र के जन्म के बाद जातक की पत्नी बारह सालों तक बीमार रहती है। यदि बृहस्पति भी पांचवें भाव मेम स्थित हो तो जातक के पिता को कष्ट होगा।

राहू का पांचवें भाव के उपाय (Remedies for Rahu in the fifth house in Hindi)

1. अपने घर में चांदी से बना हाथी रखें।

2. शराब, मांशाहार, अण्डे के सेवन और व्यभिचार से बचें।

3. अपनी पत्नी से ही दो बार शादी करें।

राहू का छठें भाव में फल (Effect of Rahu in the sixth house in Hindi) 

इस घर बुध या केतु से प्रभावित होता है। राहू यहां उच्च का होता है और अच्छे परिणाम देता है। जातक सभी प्रकार की झंझटों या मुसीबतों के मुक्त होगा। जातक कपड़ों पर पैसा खर्च करेगा। जातक बुद्धिमान और विजेता होगा। जब राहु अशुभ हो तो वह अपने भाइयों या दोस्तों को नुकसान पहुंचाएगा। जब बुध या मंगल ग्रह बारहवें भाव में हों तो राहु बुरा परिणाम देता है। जातक विभिन्न बीमारियों या धनहानि से ग्रस्त होता है। किसी काम पर जाते समय छींक का होना जातक के लिए अशुभफलदायी होगा।

राहू का छठें भाव के उपाय (Remedies for Rahu in the sixth house in Hindi)

1. एक काला कुत्ता पालें।

2. अपनी जेब में काला सुरमा रखें।

3. भाइयों / बहनों को कभी नुकसान न पहुंचाएं।

राहू का सातवें भाव में फल (Effect of Rahu in the seventh house in Hindi) 

जातक अमीर होगा लेकिन पत्नी बामार होगी। वह अपने दुश्मनों पर विजयी होगा। उम्र के इक्कीस साल से पहले शादी का होना अशुभ होगा। जातक के सरकार के साथ अच्छे संबंध होंगे। लेकिन यदि जातक राहू से संबंधित व्यवसाय जैसे बिजली के उपकरणों के व्यापार से जुडेगा तो उसे नुकसान होगा। जातक सिर दर्द से पीड़ित होगा। यदि बुध शुक्र अथवा केतू ग्यारहवें भाव में हों तो राहू बहन, पत्नी या बेटे को नष्ट करेगा।

राहू का सातवें भाव के उपाय (Remedies for Rahu in the seventh house in Hindi) 

1. 21 साल की उम्र के पहले शादी न करें।

2. नदी में छह नारियल और एक एक मुट्ठी सप्तधान्य सर से 11 बार उतार कर बहते जल में प्रवाहित करें।

राहू का आठवें भाव में फल (Effect of Rahu in the eighth house in Hindi) 

आठवें घर का संबध शनि और मंगल ग्रह से होता है। इसलिए इस भाव का राहू अशुभ फल देता है। जातक अदालती मामलों में बेकार में पैसे खर्च करता है।परिवारिक जीवन भी प्रतिकूलता से प्रभावित होता है। यदि मंगल ग्रह शुभ हो तथा पहले या आठवें घर में हो अथवा शुभ शनि आठवें घर में हो तो जातक बहुत अमीर होगा।

राहू का आठवें भाव‌ के उपाय (Remedies for Rahu in the eighth house in Hindi)

1. चांदी का एक चौकोर टुकड़ा पास रखें।

2. सोते समय तकिये के नीचे सौंफ रखें।

3. बिजली का काम या बिजली विभाग में काम न करें।

राहू का नौवें भाव में फल (Effect of Rahu in the ninth house in Hindi)

नौवां घर बृहस्पति से प्रभावित होता है। यदि जातक का अपने भाइयों और बहनों के साथ अच्छा संबंध है तो यह यह फायदेमंद होगा, अन्यथा जातक पर प्रतिकूल प्रभाव पडेगा। यदि जातक धार्मिक स्वभाव का नहीं है तो जातक की संतान जातक के लिए बेकार रहेगी। शनि से संबम्धित व्यापार फायदेमंद रहेगा। यदि बृहस्पति पांचवें या ग्यारहवें घर में हो तो यह निष्प्रभावी होगा। यदि राहू अशुभ होकर नौवें भाव में हो तो पुत्र प्राप्ति की संभावनाएं कम रहती हैं, खासकर तब और जब जातक अपने किसी सगे रिश्तेदार कि खिलाफ कोई अदालती मामला दायर करता है। यदि राहू नौवें भाव में हो और पहला भाव खाली हो तो जातक का स्वास्थ्य पीडित होता है और जातक उम्र में बडे लोगों के द्वारा अपमानित होता है और मानसिक रूप से प्रताडित होता है।

राहू का नौवें भाव के उपाय (Remedies for Rahu in the ninth house‌ in Hindi) 

1. प्रतिदिन केसर का तिलक लगाएं।

2. सोना पहनें।

3. कुत्ता न पालें लेकिन समस्या होने पर कुत्ते को भोजन कराएं। कुत्ता रखने से संतान रक्षा होगी।

4. ससुराल वालों से अच्छे संबंध बनाकर रखें।

राहू का दसवें भाव में फल (Effect of Rahu in the tenth house in Hindi) 

सिर के ऊपर कुछ न पहनना दसम भाव में स्थित दुर्बल राहु का प्रभाव देता है। राहू का अच्छा या बुरा परिणाम शनि की स्थिति पर निर्भर करेगा। यदि शनि शुभ है तो जातक बहादुर, दीर्घायु, और अमीर होता है तथा उसे सभी प्रकार से सम्मान मिलता है। यदि दसवें भाव में राहू चन्द्रमा के साथ हो तो यह राज योग बनाता है। जातक अपने पिता के लिए भाग्यशाली होता है। यदि यहां पर राहू अशुभ हो तो जातक की मां पर बुरा असर पडता है और जातक का स्वास्थ्य भी खराब होगा। यदि चंद्रमा चतुर्थ भाव में अकेला हो तो जातक की आंखों पर बुरा प्रभाव पडेगा। जातक सिर दर्द से पीड़ित होगा और उसे किसी काले व्यक्ति के द्वारा धन हानि होगी।

राहू का दसवें भाव के उपाय (Remedies for Rahu in the tenth house in Hindi)

1. नीली या काली टोपी पहनें।

2. सिर को ढक कर रखें।

3. किसी मंदिर में 4 किलो या 400 ग्राम खांड चढाएं अथवा पानी में बहाएं।

4. अंधे लोगों को खाना खिलाएं।

राहू का ग्यारहवें भाव में फल (Effect of Rahu in the eleventh house in Hindi)

ग्यारहवां घर शनि और बृहस्पति दोनो के प्रभाव में होता है। जब तक जातक के पिता जीवित हैं तब तक जातक अमीर होगा। वैकल्पिक रूप से, बृहस्पति की वस्तुएं रखना सहयोगी सिद्ध होंगी। जातक के दोस्त अच्छे नहीं होंगे। उसे मतलबी लोगों से पैसा मिलेगा। पिता की मृत्यु के बाद जातक को गले में सोना पहनना चाहिए। यदि राहू के साथ नीच का मंगल ग्यारहवें भाव में हो तो जातक के जन्म के समय घर में सारी चीजें होंगी लेकिन धीरे धीरे करके सारी चीजें बरबाद होनें लगेंगी।

यदि ग्यारहवें भाव में अशुभ राहू हो तो जातक के अपने पिता सम्बंध ठीक नहीं होंगें यहां तक की जातक उन्हें मार भी सकता है। दूसरे भाव में स्थित ग्रह शत्रु की तरह कार्य करेंगे। यदि बृहस्पति या शनि तीसरे या ग्यारहवें भाव में हों तो शरीर में लोहा पहनें और चांदी की गिलास में पानी पिएं। पांचवें भाव में स्थित केतू बुरे परिणाम देगा। कान, रीढ़, मूत्र से संबंधित समस्याएं या रोग हो सकते हैं। केतु से संबंधित व्यापार में नुकसान हो सकता है।

राहू का ग्यारहवें भाव के उपाय (Remedies for Rahu in the eleventh house in Hindi)

1. लोहा पहनें और पीने के पानी के लिए चांदी का गिलास का प्रयोग करें।

2. कभी भी कोई बिजली का उपकरण उपहार के रूप में न लें।

3. नीलम, हाथीदांत या हाथी का खिलौने से दूर रहें।

राहू का बारहवें भाव में फल (Effect of Rahu in the twelfth house in Hindi)

बारहवां घर बृहस्पति से संबंधित होता है। यह शयन सुख का घर होता है। यहां स्थित राहु मानसिक परेशानियां और अनिद्रा देता है। यह बहनों और बेटियों पर अत्यधिक व्यय भी करवाता है। यदि राहु शत्रु ग्रहों के साथ हो तो आप कितनी भी मेहनत कर लें आपके खर्चे आपकी आमदनी से अधिक ही रहेंगे। यह झूठे आरोप भी लगवाता है। जातक आत्महत्या की चरमसीमा तक जा सकता है। जातक मानसिक चिंताओं से घिरा रहता है। झूठ बोलना, दूसरों को धोखा आदि देना राहु को और भी हानिकर बानाता है। किसी भी नए काम की शुरुआत में अशुभ परिणाम मिलते हैं। चोरी, बामारी और झूठे आरोपों के लगने का भय रहता है। यदि यहां राहू के साथ मंगल भी हो तो अच्छे परिणाम मिलते हैं।

राहू का बारहवें भाव के उपाय:

1. रसोई में बैठ कर ही भोजन करें।

2. रात में अच्छी नींद के लिए तकिये के नीचे सौंफ और खांड रखें।

राहू का सकारात्मक पहलू (Positive aspect of Rahu in Hindi) 

1. उच्च का राहू स्पष्टवादी बनाता है।

2. यदि राहू तीसरे, छटे या नौवे भाव में विराजमान हो तो लाभप्रद होता है।

3. रिसर्च, राजनीति, साहस के क्षेत्र में राहू को सहयोगी एवं कारगर ग्रह है।

4. नीच का राहू विवादों में साथ देता है।

5. राहु अनुभव और शिक्षा प्रदान करता है।

6. राहू महत्वाकांक्षा देता है।

7. राहु out of box सोचने की शक्ति देता है।

8. राहू के प्रभाव से जातक गैर परंपरागत तरीके से कार्य करता है।

9. राहु अचानक फल देने में सक्षम है

10. प्रथम भाव में राहु कमिटमेंट देता है, दुसरे भाव में महत्वाकांक्षा, तीसरे भाव में भाग्यवान बनाता है, चौथे भाव में स्वतंत्र प्रकृति का, पांचवे भाव में लंबी उम्र का संकेत देता है, छटे भाव में शत्रुहंता, सातवे भाव में विदेश के योग, आठवें भाव में अनुसंधान में सहायता देता है, नौवे भाव में कुटुम्ब का पालन करने वाला, दशम भाव व्यवसाय में सफलता, एकादश भाव में राज सम्मान का अधिकारी, द्वादश भाव में वाहन सुख भोग करने वाला बनाता है।

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