Jai Shri Krishna अगर श्रीकृष्ण हमारा केन्द्र हो तो दुश्मन भी हमारे मित्र बन जाते है
अगर श्रीकृष्ण हमारा केंद हो तो दुश्मन भी हमारे मित्र
अगर श्रीकृष्ण हमारा केंद हो तो दुश्मन भी हमारे मित्र
आध्यात्मिक व भक्ति मार्ग पर आगे बढ़ने के लिए हमे
भक्त को प्रसिद्धि से ज्यादा स्वयं सिद्धि पर ध्यान देना
पता नही कैसे परखता है। मुझे मेरा ईश्वर इम्तिहान भी
हमारी आस्था की सबसे बड़ी परीक्षा तब होती है, जब
श्री हरी चरण दुःख हरण, चरन-कमल बंदौ हरि राई ।
श्री हनुमान चालीसा दोहा : श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज
बरसाने की लट्ठमार होली बरसाने की लट्ठमार होली न सिर्फ
मुझसे ज़्यादा तुझे मेरी आँखें चाहती हैं.. जब भी तुझे
शुभ गुरूवार जगत के पालनकर्ता भगवान विष्णु का आशीर्वाद आप