हे भोलेनाथ जब भी देखता हूँ किसी को हँसते हुए तो यकीन आ जाता है की खुशियों का ताल्लुक दौलत से नहीं होता जिसका मन मस्त है उसके पास समस्त है
हे भोलेनाथ जब भी देखता हूँ किसी को हँसते हुए
हे भोलेनाथ जब भी देखता हूँ किसी को हँसते हुए
शिव है ब्रम्हा, शिव है विष्णु शिव ही मेरा
ॐ नमः शिवाय तुझसे ही सारी आस है एक
जया एकादशी व्रत विधि कथा महत्व माघ शुक्ल एकादशी को
"कैसे करें पूजा ?" 01. पूजा हमेशा पूर्व या
बड़ों का दिया आशीष और अपनों की दी हुई
"जीवन" सिक्के के दो पहलुओं की तरह होता है।
जय श्री राधे कृष्णा सांस तो सिर्फ दिखाने के
दुःख में भगवान को याद करने का हक उसी
घमंड बता देता है पैसा कितना है संस्कार बता