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Durga Saptashati जानें दुर्गा सप्तशती पाठ का बारहवां अध्याय हिन्दी अर्थ सहित
श्री दुर्गासप्तशती पाठ का बारहवां अध्याय अर्थ सहित (हिंदी अनुवाद सहित सम्पूर्ण) द्वादशोध्याय इस अध्याय का पाठ करने से व्यक्ति को मान सम्मान की प्राप्ति होती है। इसके अलावा जिस
माँ अन्नपूर्णा: जानें माँ अन्नपूर्णा पौराणिक कथा
जानें माँ अन्नपूर्णा की कथा बनारस में काशी विश्वनाथ मंदिर से कुछ ही दूरी पर माता अन्नपूर्णा का मंदिर है। इन्हें तीनों लोकों की माता माना जाता है। कहा जाता
माता भद्रकाली: जानें माता भद्रकाली षोडशोपचार पूजन विधि सम्पूर्ण मंत्रों सहित
माता भद्रकाली षोडशोपचार पूजन विधि सम्पूर्ण मंत्रों सहित माता भद्रकाली काली का पूजन सम्पूर्ण विधि ध्यान: महामेघ प्रभां देवी कृष्णवस्त्रोसिधारिणीम् । ललज्जिह्वां घोरदंष्ट्रां कोटराक्षीं हसन्मुखीम् ॥ नागहारलतोपेतां चन्द्रार्द्धकृत शेखराम् ।
कैला देवी मंदिर: करौली की कथा मंदिर की देवी मां आज भी अपने भक्त का कर रही हैं इंतजार
कैला देवी मंदिर, करौली की कथा यहाँ डकैत भी आकर करते है माँ काली की साधना कैला देवी मंदिर सवाई माधोपुर के निकट राजस्थान के करौली जिले में स्थित एक
अपराजिता स्तोत्र विशेष: जानें अपराजिता स्तोत्र हिंदी में अर्थ सहित
देवी अपराजिता स्तोत्र विशेष हिंदी अर्थ सहित अपराजिता का अर्थ है जो कभी पराजित नहीं होता। देवी अपराजिता के सम्बन्ध में कुछ महत्वपूर्ण तथ्य भी जानने योग्य हैं जैसे कि
महाकाली: जानें महाकाली की उत्पत्ति कैसे हुई और उनकी कथा
जानें महाकाली की उत्पत्ति कथा श्रीमार्कण्डेय पुराण एवं श्रीदुर्गा सप्तशती के अनुसार काली मां की उत्पत्ति जगत जननी मां अम्बा के ललाट से हुई थी। कथा के अनुसार शुम्भ-निशुम्भ दैत्यों
श्रीचण्डी ध्वज स्तोत्रम: जानें श्री चण्डी ध्वज स्तोत्रम और महत्व
जानें श्री चण्डी ध्वज स्तोत्रम चण्डी ध्वज स्तोत्रम महत्व देवी के अनेक रुपों में एक रुप चण्डी का भी है. देवी काली के समान ही देवी चण्डी भी प्राय: उग्र
माँ धूमावती: जानें माँ धूमावती मन्त्र साधना दस महाविद्याओं में सातवीं महाविद्या
जानें माँ धूमावती मन्त्र साधना दस महाविद्याओं में सातवी महाशक्ति है, इन्हे अलक्ष्मी या ज्येष्ठालक्ष्मी यानि लक्ष्मी की बड़ी बहन भी कहा जाता है। मां धूमावती मां धूमावती विरुपता, कुरुपता,
Durga Saptashati: जानें दुर्गा सप्तशती पाठ ग्यारहवां अध्याय अर्थ सहित
श्री दुर्गासप्तशती पाठ ग्यारहवां अध्याय अर्थ सहित (हिंदी अनुवाद सहित सम्पूर्ण) (एकादशोध्याय) अगर आपके व्यापार में हानि हो रही है, पैसों का जाना रुक नहीं रहा है,किसी भी प्रकार से