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Ekadashi: जानें एकादशी व्रत उद्यापन की विस्तृत विधि
जानें एकादशी व्रत उद्यापन की विस्तृत विधि एकादशी का व्रत एक तप है तो उद्यापन उसकी पूर्णता है। उद्यापन वर्ष में एक बार किया जाता है इसके अंग हैं- व्रत,
पंचमुखी गणेश: जानें श्री पंचमुखी गणेश जी महात्म्य
जानें श्री पंचमुखी गणेश जी महात्म्य पांच मुख वाले गजानन को पंचमुखी गणेश कहा जाता है, पंचमुखी गणेश चार दिशा और एक ब्रह्मांड के प्रतीक भी माने गए हैं अत:
Lord Shiva: जानें भगवान शिव के पंचमुख स्वरूप और उनका अर्थ
जानें भगवान शिव के पंचमुख स्वरूप जगत के कल्याण की कामना से भगवान सदाशिव के विभिन्न कल्पों में अनेक अवतार हुए जिनमें उनके सद्योजात, वामदेव, तत्पुरुष, अघोर और ईशान अवतार
देव्यपराधक्षमापनस्तोत्रम: जानें देव्यपराध क्षमापन स्तोत्र हिंदी अर्थ सहित
जानें देव्यपराध क्षमापन स्तोत्र हिंदी अर्थ सहित देव्यपराध क्षमापन स्तोत्र आद्य शंकराचार्य के द्वारा रचित स्तोत्र है जो देवी भगवती को समर्पित है, आदि शंकराचार्य देवी से अपने पापों के
मां शारदा: जानें शारदा मां (मैहर देवी) की ये तीन कथाएं
मैहर देवी का मंदिर: ये है माँ शारदा का इकलौता मंदिर मां हमेशा ऊंचे स्थानों पर विराजमान होती हैं। उत्तर में जैसे लोग मां दुर्गा के दर्शन के लिए पहाड़ों
हिंगलाज माता मंदिर: जानें हिंगलाज माता का इतिहास और कथा
हिंगलाज माता (नानी मन्दिर) का इतिहास और कथा Hinglaj Mata Mandir Pakistan History And Story पाकिस्तान के लसबेला से अरब सागर से छूकर निकलता 150 किमी तक फैला रेगिस्तान। बगल
श्रीरामरक्षा स्तोत्र: जानें श्रीराम रक्षा स्तोत्र हिन्दी अर्थ सहित
श्रीरामरक्षा स्तोत्र हिंदी अर्थ सहित {पाठ-अनुवाद} श्रीरामरक्षा स्तोत्र सभी तरह की विपत्तियों से व्यक्ति की रक्षा करता है। इस स्तोत्र का पाठ करने से मनुष्य भय रहित हो जाता है।
हरसिद्धि माता: जानें राजा विक्रमादित्य की कुल देवी हरसिद्धि माता की कथा
राजा विक्रमादित्य की कुल देवी हरसिद्धि माता की कथा उज्जयिन्यां कूर्परं व मांगल्य कपिलाम्बरः। भैरवः सिद्धिदः साक्षात् देवी मंगल चण्डिका। पौराणिक कथाओं के अनुसार एक बार माता सती के पिता
Durga Saptashati जानें दुर्गा सप्तशती पाठ तेरहवां अध्याय हिन्दी अर्थ सहित
श्री दुर्गासप्तशती पाठ 13 अध्याय हिन्दी अर्थ सहित (हिंदी अनुवाद सहित सम्पूर्ण) (त्रयोदशोध्याय) तेहरवे अध्याय का पाठ माँ भगवती की भक्ति प्रदान करता है। किसी भी साधना के बाद माँ