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Ganesh Stotram: संकटनाशन गणेश स्तोत्रम् मूल पाठ करें होगी संकटों से मुक्ति
किसी भी बात के चार पक्ष होते हैं और इन चारों पक्षों पर ध्यान अवश्य देना चाहिए। प्रथम पक्ष है- विचार, द्वितीय पक्ष है मनन, मंथन, तीसरा पक्ष है- योजना
अपराजिता स्तोत्र: श्रीराम ने युद्ध से पूर्व किया था अपराजिता देवी पूजन, यात्रा में सफलता के लिए करें
महर्षि वेद व्यास ने अपराजिता देवी को आदिकाल की श्रेष्ठ फल देने वाली, देवताओं द्वारा पूजित और त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु और महेश) द्वारा नित्य ध्यान में लाई जाने वाली देवी
Lord Shiva इन में से किसी भी एक मंत्र का उच्चारण कर शिव जी को चढ़ाए बिल्वपत्र, हर मनोकामना होगी पूरी
इस चमत्कारी मंत्र को पढ़कर शिव को चढ़ाएं बिल्वपत्र, मनोकामना होगी पूरी बेलपत्ते सत्व, रज और तमोगुण की तरफ संकेत करते हैं , इसलिए इन पत्तों को त्रिगुणाकार रुप कहा
Shani Dev क्यों चढ़ाते है शनिदेव को तेल, क्या रखे सावधानी ? जानें पौराणिक कथा
क्यों चढ़ाते है शनि देव को तेल, क्या रखे सावधानी ? प्राचीन मान्यता है की शनि देव की कृपा प्राप्त करने के लिए हर शनिवार को शनि देव को तेल
Santoshi Mata शुक्रवार के दिन मां संतोषी की व्रत कथा सुनने और पढ़ने से होगी हर मनोकामना पूरी
संतोषी माता का व्रत विधि कथा और लाभ शुक्रवार का व्रत तीन तरह से किया जाता है। इस दिन भगवान शुक्र के साथ-साथ संतोषी माता तथा वैभवलक्ष्मी देवी का भी
Shri Narayan Kavach समस्त मनोकामना को पूरा करने के लिए करें नारायण कवच का जाप, जिंदगी से खत्म होगी सभी बाधाएं
श्री नारायण कवच Shree Narayan Kavach नारायण, विष्णु, श्रीकृष्ण भक्तो का प्राणधन स्वरूप यह नारायण कवच बहुत ही प्रभावशाली व परम कल्याणकारी है यदि इसके साथ गजेन्द्रमोक्ष स्तोत्र का भी
Radha Krishna Love Quotes To Know About Eternal Love
Radha Krishna love Quotes Today we have brought for you Best Krishna Love Quotes You know why I LOVE YOU Madhav bcoz wen everyone else left me for my flaws
श्री राधाषोडश नाम स्तोत्रम् Radha Shoddasha Nama Stotram – In sanskrit with meaning
श्री राधाषोडश नाम स्तोत्रम् संस्कृत श्लोकों सहित Shri Radha Shoddasha Nama Stotram In sanskrit with meaning श्रीनारायणउवाच राधा रासेश्वरी रासवासिनी रसिकेश्वरी। कृष्णप्राणाधिका कृष्णप्रिया कृष्णस्वरूपिणी।।1।। कृष्णवामांगसम्भूता परमानन्दरूपिणी। कृष्णा वृन्दावनी वृन्दा वृन्दावनविनोदिनी
Dev Diwali कब मनाईं जाती है देव दीपावली पर्व, पढ़ें पौराणिक कथा विधि महत्व
कार्तिक पूर्णिमा को पारंपरिक रूप से देव दीपावली की संज्ञा दी जाती है, इस दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर का संहार किया था, जिससे वो त्रिपुरारी रूप में पूजित हुए।