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Amalaki Ekadashi: आमलकी एकादशी के दिन क्यों की जाती है आंवले के वृक्ष की पूजा, पढ़ें कथा, पूजा विधि, शुभ मुहूर्त एवं महत्त्व
जानें आमलकी एकादशी पूजन विधि और व्रत कथा आमलकी यानी आंवला को शास्त्रों में उसी प्रकार श्रेष्ठ स्थान प्राप्त है जैसा नदियों में गंगा को प्राप्त है और देवों में
Lord Vishnu ॐ नमो भगवते वासुदेवाय जिनका स्वरुप अतिशय शांत है, जो धीर क्षीर है, जिनकी नाभि में कमल है। जो देवताओ के ईश्वर है
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय जिनका स्वरुप अतिशय शांत है, जो धीर क्षीर है, जिनकी नाभि में कमल है। जो देवताओ के ईश्वर है जो पुरे ब्रह्मांड के आधार है, जो
Mahadev करू क्यों फ़िक्र की मौत के बाद जगह कहाँ मिलेगी, जहाँ होगी मेरे महादेव की महफिल मेरी रूह वहाँ मिलेगी.. जय महाकाल
करू क्यों फ़िक्र की मौत के बाद जगह कहाँ मिलेगी, जहाँ होगी मेरे महादेव की महफिल मेरी रूह वहाँ मिलेगी.. जय महाकाल Why should I find a place after the
Mere Mahadev मेरे महादेव मैं शून्य हूँ मुझे पीछे ही रखना क्योंकि मेरा फ़र्ज तो सिर्फ मेरे अपनों की कीमत बढ़ाना हैं जय महाकाल
मेरे महादेव मैं शून्य हूँ मुझे पीछे ही रखना क्योंकि मेरा फ़र्ज तो सिर्फ मेरे अपनों की कीमत बढ़ाना हैं जय महाकाल मेरे महादेव My Mahadev, I am zero, keep
Shri Radha श्री राधा नाम का अर्थ
श्री राधा श्री राधा राधा राधा रटत ही सब बाधा मिट जाऐ कोटि जनम की आपदा राधा नाम लिऐ सौ जाऐ।। मै तो, श्री राधा राधा रटूं, नित नित आठों
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे।।
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे।। परमेश्र्वर के अनन्य, पूर्ण शरणागत भक्तों को इसकी चिन्ता नहीं रहती कि वे कब
हर बुरी स्थिति में कुछ न कुछ सकारात्मक होगा। यहां तक कि एक ख़राब घड़ी भी दिन में दो बार सही समय दिखाती है। जीवन में सकारात्मक बने रहें।भगवान जानते है कि आपके लिए सबसे अच्छा क्या है।
हर बुरी स्थिति में कुछ न कुछ सकारात्मक होगा। यहां तक कि एक ख़राब घड़ी भी दिन में दो बार सही समय दिखाती है। जीवन में सकारात्मक बने रहें।भगवान जानते
जीवन में आधे दुःख इस वजह से आते है क्योंकि हमने उनसे आशाएं रखी, जिनसे हमे नहीं रखनी चाहिए थी और आधे दुःख इस वजह से कि हमने उन लोगो पर संदेह किया जिन पर नहीं करना चाहिए था।
जीवन में आधे दुःख इस वजह से आते है क्योंकि हमने उनसे आशाएं रखी, जिनसे हमे नहीं रखनी चाहिए थी और आधे दुःख इस वजह से कि हमने उन लोगो
कान्हा जी कहते हैं जीवन में कभी मौका मिले तो सारथी बनना, स्वार्थी नहीं
कान्हा जी कहते हैं जीवन में कभी मौका मिले तो सारथी बनना, स्वार्थी नहीं Kanha ji says To be a charioteer if you get a chance in life, not selfish