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हे अर्जुन… मैं धरती की मधुर सुगंध हूँ, मैं अग्नि की ऊष्मा हूँ, सभी जीवित प्राणियों का जीवन और सन्यासियों का आत्मसंयम भी मैं ही हूँ। 

February 15th, 2021|Categories: Bhagavad Gita Quotes|Tags: , , , |

हे अर्जुन... मैं धरती की मधुर सुगंध हूँ, मैं अग्नि की ऊष्मा हूँ, सभी जीवित प्राणियों का जीवन और सन्यासियों का आत्मसंयम भी मैं ही हूँ। भगवद गीता हिन्दू महाकाव्य

हे अर्जुन…ऐसा कुछ भी नहीं, चेतना या अचेतन, जो मेरे बिना अस्तित्व में रह सकता हो।

February 15th, 2021|Categories: Bhagavad Gita Quotes|Tags: , , , , |

  हे अर्जुन... ऐसा कुछ भी नहीं, चेतना या अचेतन, जो मेरे बिना अस्तित्व में रह सकता हो। भगवद गीता हिन्दू महाकाव्य महाभारत का एक हिस्सा है। इसमें 700 संस्कृत

हे अर्जुन… जो मन को नियंत्रित नहीं करते उनके लिए वह शत्रु के समान कार्य करता है।

February 15th, 2021|Categories: Bhagavad Gita Quotes|Tags: , , , |

हे अर्जुन.. जो मन को नियंत्रित नहीं करते उनके लिए वह शत्रु के समान कार्य करता है। भगवद गीता हिन्दू महाकाव्य महाभारत का एक हिस्सा है। इसमें 700 संस्कृत श्लोक

हरिनाम जप किस प्रकार करें

February 14th, 2021|Categories: भक्ति|Tags: , , , , , |

हरिनाम जप किस प्रकार करें जप करने के समय स्मरण रखने वाली कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण बातें : पवित्र हरिनाम को भी अर्च-विग्रह और पवित्र धाम के समान ही गुणनिधि

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