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हे अर्जुन… मैं धरती की मधुर सुगंध हूँ, मैं अग्नि की ऊष्मा हूँ, सभी जीवित प्राणियों का जीवन और सन्यासियों का आत्मसंयम भी मैं ही हूँ।
हे अर्जुन... मैं धरती की मधुर सुगंध हूँ, मैं अग्नि की ऊष्मा हूँ, सभी जीवित प्राणियों का जीवन और सन्यासियों का आत्मसंयम भी मैं ही हूँ। भगवद गीता हिन्दू महाकाव्य
हे अर्जुन…ऐसा कुछ भी नहीं, चेतना या अचेतन, जो मेरे बिना अस्तित्व में रह सकता हो।
हे अर्जुन... ऐसा कुछ भी नहीं, चेतना या अचेतन, जो मेरे बिना अस्तित्व में रह सकता हो। भगवद गीता हिन्दू महाकाव्य महाभारत का एक हिस्सा है। इसमें 700 संस्कृत
हे अर्जुन… जो मन को नियंत्रित नहीं करते उनके लिए वह शत्रु के समान कार्य करता है।
हे अर्जुन.. जो मन को नियंत्रित नहीं करते उनके लिए वह शत्रु के समान कार्य करता है। भगवद गीता हिन्दू महाकाव्य महाभारत का एक हिस्सा है। इसमें 700 संस्कृत श्लोक
हरिनाम जप किस प्रकार करें
हरिनाम जप किस प्रकार करें जप करने के समय स्मरण रखने वाली कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण बातें : पवित्र हरिनाम को भी अर्च-विग्रह और पवित्र धाम के समान ही गुणनिधि
Kurukshetra War and Bhagavad Gita
According to the epic poem Mahabharata, Krishna becomes Arjuna's charioteer for the Kurukshetra War, but on the condition that he personally will not raise
Lord Sri Krishna Kaliya Naag Story
The story of Krishna and Kāliya is told in the sixteenth chapter of the Tenth Canto of the Bhagavata Purana. The proper home of
The Birth of a God – Krishna Janmashtami
In the Yadu Dynasty, the king of Mathura – Kansa – was a cruel king. It was foretold that his sister Devaki would bear