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तुला राशि: जानें तुला राशि एवं लग्न सम्पूर्ण परिचय एवं विशेषताएं
तुला लग्नोदये जातः सुधी: सत्कर्मजीविक:। विद्वान सर्वकलाभिज्ञो धनाढ्यों जनपूजितः।। गुणाधिकत्वाद द्रविणोप्लब्धि वाणिज्य कर्म व्याति नै पुणत्वम। पदमालय तन्नीलये न लोला लग्न चेत्सकुलावतं स:।। अर्थात तुला लग्न (राशि) में उत्पन्न जातक
श्री गणेश मातृका न्यासः जानें श्री गणेश मातृका न्यासः भौतिक और आध्यात्मिक इच्छाओं को प्राप्त करने के लिए
सनातन धर्म में केवल प्रथम पूज्य विघ्नहर्ता श्री गणेश को ही शैव, वैष्णव तथा शाक्त सम्प्रदायों के साथ ही बौद्ध तथा जैन धर्मों में भी मातृका शक्ति के रूप में
अस्त ग्रह: जानें कुंडली में कैसे होते हैं अस्त ग्रह और उनके अनुभव आधारित फल और उपाय
अस्त ग्रह और उनके अनुभव आधारित फल और उपाय ज्योतिष शास्त्र में अस्त ग्रह के परिणामों की बहुत लंबी व्याख्या मिलती है। अस्तग्रहों के बारे में यह कहा जाता है
कन्या राशि: जानें कन्या राशि एवं लग्न सम्पूर्ण परिचय एवं विशेषताएं
कन्या राशि एवं लग्न सम्पूर्ण परिचय Virgo zodiac sign and ascendant complete introduction in Hindi कन्या लग्ने भवेत् जातो नाना शास्त्र विशारद:। सौभाग्य गुण सम्पन्न: सुरूपः सुरतप्रियः।। षष्ठे साधुत्व युतः
गौमूत्र पीने के फायदे: जानें औषधीय गुणों से भरपूर है गौमूत्र
गौमूत्र घर को पवित्र कर बुरी नजर से बचाता है रोगों पर विजय प्राप्त करना है तो गौमूत्र का करें इस्तेमाल अवश्य करना चाहिए। आयुर्वेद के अनुसार देसी गाय का
सिंह राशि: जानें सिंह राशि व लग्न सम्पूर्ण परिचय एवं जातक की विशेषताएं
सिंह लग्ने समुत्पन्नो धनी भोगी शत्रुविमर्दक:। स्वल्पोदरो अल्पपुत्रशच सोत्साहि रणविक्रमी मांस प्रियः।। आकाश मंडल में सिंह राशि पंचम क्रम में है। इसका विस्तार १२० अंश से १५० अंश के अंदर
कर्क राशि: जानें कर्क राशि एवं लग्न सम्पूर्ण परिचय एवं जातक की प्रमुख विशेषताएं
कर्क राशि एवं लग्न सम्पूर्ण परिचय जातक की प्रमुख विशेषताएं कर्क लग्ने समुत्पन्नो धर्मो भोगी जहप्रियः। मिष्ठान्न भुक्त साधुरतो विनितो सौभाग्यधन संयुतः।। परदेशगः सुधीरः साहसकर्मा जलाधिगतवित्त:। स्त्रीभुषणाम्बर सुखै भोगैश्च समन्वितो
सूर्य ग्रह के 12 भाव से संबंधित जानकारी समस्या और उपाय
सूर्य ग्रह के 12 भाव से संबंधित जानकारी समस्या और उपाय ज्योतिष में सूर्य को राजा की पदवी प्रदान की गयी है। ज्योतिष के अनुसार सूर्य आत्मा एवं पिता का
मिथुन राशि: जानें मिथुन राशि एवं लग्न सम्पूर्ण विवरण
मिथुन विलगन जातः प्रियदारो भूषणप्रदान रतिः। त्यागी भोगी धनी कामी दीर्घ सूत्रोंरिमर्दकः ।। भोगी वदान्यो बहुमित्रपुत्रः सुगूढ़ मंत्रः सघनः सुशीलः। तस्य स्थितिः स्यात नृप सन्निधाने लग्ने भवेत् मिथुनाभिधाने।। राशि चक्र