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गोवत्स द्वादशी व्रत: जानें गोवत्स द्वादशी व्रत की विधि महत्व मंत्र और कथा
गौवत्स द्वादशी का यह त्यौहार कार्तिक कृष्ण पक्ष की द्वादशी को मनाया जाता है। यह पर्व पुत्र की मंगलकामना के लिए भी किया जाता है. इसे वही स्त्रियां करती हैं
जन्म कुंडली: जानें जन्म कुंडली के कुछ विशिष्ट योग एवं इनका फल
जानें जन्म कुंडली के कुछ विशिष्ट योग एवं इनका फल कुंडली में योग होना जातक के लिये बहुत ही सौभाग्यशाली माना जाता है। वैसे तो योग शुभ और अशुभ दोनों
जन्म कुंडली: जानें जन्म कुंडली क्या है ज्योतिष में जन्म कुंडली का वैज्ञानिक आधार
जन्म कुंडली: जानें जन्म कुंडली क्या है ज्योतिष में जन्म कुंडली का वैज्ञानिक आधार यह हम सभी जानते है की ज्योतिष के आधार पर शुभाशुभ फल ग्रहनक्षत्रों की स्थितिविशेष से
Medicinal properties of curry leaves जानें करी पत्ता के औषधीय गुण
जानें करी पत्ता के औषधीय गुण Medicinal properties of curry leaves करी पत्ते का इस्तेमाल हम कई प्रकार के व्यंजनों में स्वाद बढ़ाने के लिए करते हैं। लेकिन क्या आप
केसर तिलक: केसर के तिलक का महत्व और लाभ
केसर के ये ज्योतिष उपाय आपको बनाएंगे मालामाल, बदल देंगे जिंदगी जो व्यक्ति जीवन में सफलता, आकर्षक व्यक्तित्व, सौंदर्य, धन, संपदा, आयु, आरोग्य प्राप्त करना चाहता है उसे प्रतिदिन अपने
Kartik month Mahatmya twenty first chapter कार्तिक माह महात्म्य इक्कीसवाँ अध्याय
कार्तिक माह महात्म्य इक्कीसवाँ अध्याय Kartik month Mahatmya twenty first chapter लिखने लगा हूँ श्रीहरि के, चरणों में शीश नवाय। कार्तिक माहात्म का बने, यह इक्कीसवाँ अध्याय।। अब ब्रह्मा आदि
Kartik Month Mahatmya Chapter Twentieth कार्तिक माह महात्म्य बीसवाँ अध्याय
कार्तिक माह महात्म्य बीसवाँ अध्याय Kartik Month Mahatmya Chapter Twentieth माँ शारदा की प्रेरणा, स्वयं सहाय। कार्तिक माहात्म का लिखूं, यह बीसवाँ अध्याय।। अब राजा पृथु ने पूछा– हे देवर्षि
श्रीगणेश के कल्याणकारी मन्त्र: जानें दुर्भाग्य नाशक श्री गणेश के कल्याणकारी प्रभावशाली मंत्र
हिंदू धर्म संस्कृति में श्री गणेश प्रथमपूज्य देवता है। भगवान श्री गणेश धन, बुद्धि, लक्ष्मी के दाता है। वे विघ्नों का हरण करके जीवन में शुभता देते हैं और सभी
Kartik Month Mahatmya Nineteenth Chapter कार्तिक माह महात्म्य उन्नीसवाँ अध्याय
कार्तिक माह महात्म्य उन्नीसवाँ अध्याय Kartik Month Mahatmya Nineteenth Chapter श्री विष्णु मम् हृदय में, प्रेरणा करने वाले नाथ। लिखूँ माहात्म कार्तिक, राखो सिर पर हाथ।। राजा पृथु ने पूछा–