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शंखचूड़ कालसर्प योग: जानें शंखचूड़ कालसर्प योग दोष और ग्रह फल, प्रभाव शंखचूड़ कालसर्प शांति उपाय
शंखचूड़ कालसर्प योग दोष और ग्रह फल, प्रभाव शंखचूड़ कालसर्प शांति उपाय भारतीय ज्योतिष मे कालसर्प दोष का नवम प्रकार है शंखचूड़ नाग का जिक्र भी प्रमुख नागों के रूप
अशोक वृक्ष: जानें अशोक वृक्ष के प्रभावशाली ज्योतिषीय उपाय और अशोक वृक्ष का वास्तु में प्रयोग
अशोक वृक्ष धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक एवं पारिवारिक जीवन में अन्य पावन वृक्षों, जैसे वट-पीपल आदि की भांति भारतीयों के लिए श्रद्धा का पात्र है। शुभ एवं मंगलकारी वृक्ष के रूप
शरद पूर्णिमा: जानें शरद पूर्णिमा की पूजा विधि महत्व कथा और शरद पूर्णिमा के ज्योतिषीय उपाय
जानें शरद पूर्णिमा की पूजा विधि महत्व कथा और शरद पूर्णिमा के ज्योतिषीय उपाय आश्विन माह के शुक्लपक्ष की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहा जाता है। शरद पूर्णिमा को रास
कर्कोटक कालसर्प योग: जानें कर्कोटक कालसर्प योग परिभाषा एवं उपाय
कारकोटक कालसर्प योग की भारतीय ज्योतिष में प्रचलित परिभाषा के अनुसार यदि किसी कुंडली में राहू आठवें घर में स्थित हों, केतु कुंडली के दूसरे घर में स्थित हों तथा
कुबेर उपासना विधि: जानें धनदायक श्री कुबेर उपासना संक्षिप्त विधि और मंत्र
जानें धनदायक श्री कुबेर उपासना संक्षिप्त विधि और मंत्र कुबेर धन के अधिपति यानि धन के राजा हैं। पृथ्वीलोक की समस्त धन संपदा का एकमात्र उन्हें ही स्वामी बनाया गया
तक्षक काल सर्प योग: जानें क्या होता है तक्षक काल सर्प योग और उसके उपाय
यदि किसी कुण्डली में राहु सप्तम भाव में, केतु प्रथम भाव में तथा अन्य सभी ग्रह राहु और केतु की धुरी में हों तो उस कुण्डली में तक्षक काल सर्प
पद्मनाभ स्वामी मंदिर: जानें पद्मनाभ स्वामी मंदिर का रहस्य इस मंदिर का सातवां द्वार है एक रहस्य…?
पद्मनाभ स्वामी मंदिर जानें इस मंदिर का सातवां द्वार है एक रहस्य...? 16वीं सदी का ’सिद्ध पुरूष’ ही इसे खोल सकता है... भारत के प्रमुख वैष्णव मंदिरों में से एक
ग्रहों को मजबूत करने के आसान उपाय: जानें सूर्य से लेकर राहु-केतु तक, दोषों से मुक्ति के लिए करें ये आसान उपाय
ग्रहों का हमारे जीवन में होने वाली घटनाओं से संबंध होता है। ग्रहों की शुभ स्थिति से जहां हमारे जीवन में लाभ की स्थिति बनती है, तो वही कुंडली में
देवी अपराजिता और दशहरा: जानें देवी अपराजिता और दशहरा में सम्बन्ध
दशहरा शक्ति पूजन का दिन है प्राचीन शास्त्रीयपरंपरा के अनुरूप आज तक क्षत्रिय-क्षत्रपों के यहां शक्ति के पूजन के रूप में अस्त्र-शस्त्रोंका अर्चन-पूजन होता है। सभी कार्यों में सिद्धिप्रदान करने