गुप्त नवरात्रि के उपाय 

यह तो सब जानते है की हमारे हर साल दो बार नवरात्रि का उत्सव बड़ी धूमधाम से बनाया है पर क्या आप जानते है की वर्ष में नवरात्रा दो बार नही बल्कि चार बार आते है जी हाँ दो नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि कहा जाता हैं !

वैसे आपने गुप्त शब्द से कुछ आईडिया लगा लिया होगा जैसा नाम वैसा काम गुप्त नवरात्रा को गुप रूप से किये जाते हैं ! गुप्त नवरात्र में किये गये उपाय, मंत्र, साधना या कोई सी भी पूजा पाठ और दिनों से जल्दी सिद्द व् प्रभाव देती है ! हम आपको यंहा गुप्त नवरात्रि के टोटके

यदि आपका व्यापार में परेशानी हो रही हो या नुकसान या घाटा हो रहा है तो आप इस गुप्त नवरात्रि में सुबह नित्य कर्म से निवृत होकर साफ़ कपडे पहनकर अपने घर के पूजा स्थल पर चोकी पर लाल कपड़ा बिछाएं उसके बाद 11 गोमती चक्र और 3 लघु नारियल लेकर चोकी पर रखें ! उसके बाद दिए गये मंत्र की 11 माला का जाप रुद्राक्ष या स्फटिक की माला से करें ! माला पूरी करने के बाद उन सब की पोटली बांध कर अपनी दुकान या आफिस के मुख्य द्वार टांग दें ! ऐसा करने से आपका कुछ दिनों में व्यापार फलने फूलने लगेगा !

मंत्र : ‘ऐं क्लीं श्रीं’ !!

यदि आपके व्यापार में घाटा या नुकसान हो रहा है तो गुप्त नवरात्रि में दक्षिणावर्ती शंख लेकर उसमे सफ़ेद अखंडित चावल भर ले उसके बाद उसे लाल कपडे में लपेट कर दिए गये मंत्र से अभिमंत्रित कर ले या किसी योग्य आचार्य से करवा कर अपने पूजा स्थल पर स्थापित कर लें ! किये गये उपाय को करने से आपका हो रहा व्यापार में घाटा या नुकसान होना बंद हो जायेगा !

मंत्र : ‘ओम् ऐं सर्वकार्यसिद्धि कुरु कुरु स्वाहा’ !!

यदि आप अपने व्यापार में धन वृद्धि करना चाहते हो तो दिए गये मंत्र की रोजाना एक माला का जाप आप इस गुप्त नवरात्रि से शुरू करके हमेशा करें ! ऐसा करने से आपके व्यापार में वृद्धि होने लगेगी !!

मंत्र : ‘ओम् श्रीं श्री ययै शिव कुबेराय श्रीं ओम् नम:’ !!

जिन जातक का व्यापार ठप्प हो गया हो या बंद हो गया है तो गुप्त नवरात्रि के दिनों में दिए गये मंत्र को स्फटिक की माला से हर दिन 9 माला का जाप करें ऐसा करने से उनका व्यापार में चल रही परेशानी दूर होगी ! किये गये उपाय से आपके व्यापार में हो रही परेशानी दूर हो जाएगी

मंत्र : “ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं सौं जगत्प्रसूत्यै नम:” !!

जो भी जातक बहुत महेनत करने के बाद भी धन प्राप्ति करने में परेशानी आती हो तो इस गुप्त नवरात्रि के अंतिम तिथि वाले दिन सुबह जल्दी जगकर नित्य कर्म से निवृत होकर साफ़ कपडे पहनकर एक खाली व शांत कमरे में जाकर पीले आसन पर अपना मुंह उत्तर दिशा की अोर करके बैठ जाएं ! उसके बाद अपने सामने सरसों का तेल या तिल का तेल के नौ दीपक प्रज्वलित करें ! पर याद रहें की यह दीपक साधनाकाल तक जलते रहने चाहिए ! उसके बाद आप दीपकों के सामने कुमकुम से किये गये अखंडित लाल चावल की एक ढेरी बनाकर उसके ऊपर श्रीयंत्र की स्थापना करें ! और उसके बाद श्रीयंत्र का कुमकुम, लाल फूल, धूप तथा दीप से पूजन करें ! फिर उसके बाद एक साफ़ प्लेट के बीचों बीच में स्वास्तिक का चिन्ह बनाकर उसकी पूजा करें ! अब इस श्रीयंत्र को घर के पूजा स्थल में स्थापित कर दें ! और शेष बची साम्रगी को बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें ! ऐसा करने से आपको आपकी महेनत के अनुरूप शीघ्र धन प्राप्ति व् धन लाभ होने लग जायेगा !

जिन भी जातक को बहुत महेनत करने के बाद भी धन लाभ में या धन वृद्दि में परेशानी आ रही है उनका धन कुछ ज्यादा बर्बाद हो रहा है तो दिए गये मंत्र की गुप्त नवरात्रि के दिनों में हर दिन 9 माला का जाप करें ऐसा करने से आपके यंहा आपको आपकी महेनत के अनुसार धन वृद्दि होने लग जाएगी !

मंत्र : “ॐ श्रीं नम:” !!

जो भी जातक महेनत करने के बाद भी धन लाभ या धन प्राप्ति में परेशानी होती हो तो इस गुप्त नवरात्रि के दौरान श्री लक्ष्मी – नारायण जी के मंदिर में जाकर खीर व मिश्री का प्रसाद चढ़ाएं व गुप्त नवरात्रि में आने वाले शुक्रवार के दिन 9 वर्ष तक की कन्याओं को उनकी पसंद का भोजन खिलाये !

यदि आप कोई भी इंटरव्यू देने जा रहे हो या आप बार बार में इंटरव्यू में असफल हो रहे हो तो इस गुप्त नवरात्रि के अंतिम दिन सुबह जल्दी जगकर नित्य कर्म से निवृत होकर साफ़ कपडे पहनकर सफ़ेद आसन पर पूर्व दिशा और मुख करके बैठ जाओ ! उसके बाद अपने सामने पीले रंग का कपड़ा बिछाकर उस पर स्फटिक की माला रखें ! और उसके बाद फिर केसर व इत्र छिड़क कर स्फटिक माला की पूजा करें ! और माला की धुप व् दीप करें ! उसके बाद दिए गये मंत्र का जाप आप 31 बार करें ! यह उपाय आप लगातार 11 या 21 दिन करें उसके बाद यह माला सिद्द हो जाएगी ! जब भी आप कही भी इंटरव्यू देने जाओगे वंहा आपको सफलता प्राप्त होगी !

मंत्र : “ऊं ह्लीं वाग्वादिनी भगवती मम कार्य सिद्धि कुरु कुरु फट् स्वाहा ”

यदि आपके घर में बरकत नही रहती हो तो गुप्त नवरात्रि के दिनों में सुबह जल्दी जगकर नित्य कर्म से निवृत होकर साफ़ कपडे पहनकर अपने पूजा स्थल के सामने बैठ जाये ! उसके बाद चोकी पर सफ़ेद कपड़ा बिछा कर उसके ऊपर एक मोती शंख को रख दें ! और शंख पर केसर से स्वस्तिक का चिह्न बना दें ! उसके बाद स्फटिक माला से दिए गये मंत्र का जाप करते करते अखंडित चावल को एक एक करके शंख में डालें ! ऐसा आप लगातार नौ दिनों तक करें ! उसके बाद उन चावलों को एक सफेद रंग के कपड़े की थैली शंख के साथ पोटली बनाकर अपने धन वाले स्थान या तिजोरी में रख दें ! ऐसा करने से आपके घर की बरकत बढ़ने लग जाएगी !

मंत्र : “श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम:”

जिस भी बच्चे को बार बार में नजर लगाती है तो इस गुप्त नवरात्रि के दौरान श्री हनुमान जी के मंदिर जाए वंहा जाकर श्री हनुमान चालीसा का पाठ करें और उसके बाद दाहिने पैर का सिंदूर लेकर बच्चे के मस्तक पर तिलक लगा दें ! एसा करने से नजर दोष दूर हो जायेगा !

नोट : बताये गये मंत्र को करने से पहले आप हर दिन सुबह जल्दी जग कर नित्य कर्म से निवृत होने के बाद साफ़ कपडे पहन ले और लाल आसन पूर्व की तरफ मुंह करके बैठकर अपने सामने चोकी पर श्री भगवती माँ दुर्गा माँ की प्रतिमा रखें ! और माँ दुर्गा माँ का पंचोपचार, षोडषोपचार कर आरती करें ! जाप करते समय माँ दुर्गा जी के प्रति श्रदा भाव रखें ! जप पूर्ण होने पर देवी के बाएं हाथ में जप समर्पण करें !

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नवरात्रि में स्नानादि से निवृत हो तिलक लगाके दीपक जलाकर यदि कोई बीज मंत्र ‘हूं’ (Hum) अथवा ‘अं रां अं’ ( Am Raam Am) मंत्र की इक्कीस माला जप करे एवं ‘श्री गुरुगीता’ का पाठ करें तो शत्रु भी उसके मित्र बन जायेंगे ।

जिन माताओं बहनों को दुःख और कष्ट ज्यादा सताते हैं, वे नवरात्रि के प्रथम दिन (देवी-स्थापना के दिन) दिया जलायें और कुमकुम से अशोक वृक्ष की पूजा करें, पूजा करते समय निम्न मंत्र बोलें

“अशोक शोक शमनो भव सर्वत्र नः कुले”

ASHOK SHOK SHAMNO BHAV SARVATRA NAH KULE ”

भविष्योत्तर पुराण के अनुसार नवरात्रि के प्रथम दिन इस तरह पूजा करने से माताओ बहनों के कष्टों का जल्दी निवारण होता है। 

माताओं बहनों के लिए विशेष कष्ट निवारण हेतु

शुक्ल पक्ष तृतीया के दिन में सिर्फ बिना नमक मिर्च का भोजन करें। (जैसे दूध, रोटी या खीर खा सकते हैं, नमक मिर्च का भोजन अगले दिन ही करें।

” ॐ ह्रीं गोर्ये नमः ”

“Om Hreem Goryaye Namah”

मंत्र का जप करते हुए उत्तर दिशा की और मुख करके स्वयं को कुमकुम का तिलक करें | गाय को चन्दन का तिलक करके गुड़ और रोटी खिलाएं |

श्रेष्ठ अर्थ (धन) की प्राप्ति हेतु प्रयोग : 

नवरात्रि में देवी के एक विशेष मंत्र का जप करने से श्रेष्ठ अर्थ कि प्राप्ति होती है मंत्र ध्यान से पढ़ें

” ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं कमल-वासिन्ये स्वाह् ”

विद्यार्थियों के लिए प्रथम नवरात्रि के दिन विद्यार्थी अपनी पुस्तकों को ईशान कोण में रख कर पूजन करें और नवरात्रि के तीसरे तीन दिन विद्यार्थी ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः मंत्र का जप करें। इससे उन्हें विद्या प्राप्ति में अपार सफलता मिलेगी।

बुद्धि व ज्ञान का विकास करना हो तो सूर्यदेवता का भ्रूमध्य में ध्यान करें सूर्य को अर्घ्य अर्पित करें। नमस्कार करें। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए गणेश अर्थवशीर्ष के 1008 पाठ विशेष लाभदायक सिद्ध होते हैं।

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Gupt navratra puja

1. सुबह-शाम दुर्गा चालीसा और दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।

2. दोनों वक्त की पूजा में लौंग और बताशे का भोग लगाएं।

3. मां दुर्गा को सदैव लाल रंग का पुष्प ही चढ़ाएं।

4. मां दुर्गा के विशिष्ट मंत्र ऊं ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडाय विच्चे का

सुबह-शाम 108 बार जप करें।

5. गुप्त नवरात्रि में अपनी पूजा के बारे में किसी को न बताएं। ऐसा करने से आपकी पूजा और ज्यादा सफल होगी।

डिसक्लेमर

‘इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी। ‘