🪔 माघ गुप्त नवरात्रि 2026: तिथि, घटस्थापना मुहूर्त, पूजा विधि व महिमा
माघ गुप्त नवरात्रि 2026 शक्ति साधना, मंत्र सिद्धि और आत्मिक जागरण का विशेष पर्व है।
इस नवरात्रि में देवी की उपासना गुप्त रूप से की जाती है।
📅 माघ गुप्त नवरात्रि 2026 तिथि
- प्रारंभ: 19 जनवरी 2026 (सोमवार)
- नवमी: 27 जनवरी 2026
- पारण: 28 जनवरी 2026
⏰ प्रतिपदा तिथि व घटस्थापना मुहूर्त
- प्रतिपदा तिथि प्रारंभ – 19 जनवरी 2026, 01:21 AM
- प्रतिपदा तिथि समाप्त – 20 जनवरी 2026, 02:14 AM
- घटस्थापना शुभ मुहूर्त – 06:53 से 10:34 AM
- अभिजित मुहूर्त – 12:02 से 12:47 PM
🌺 गुप्त नवरात्रि का महत्व
देवी भागवत पुराण के अनुसार वर्ष में चार नवरात्रि होती हैं।
माघ और आषाढ़ मास की नवरात्रि को गुप्त नवरात्रि कहा जाता है।
यह काल तंत्र, मंत्र और शक्ति साधना के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है।
🔱 गुप्त नवरात्रि में पूजित दस महाविद्याएं
- माँ काली
- माँ तारा
- माँ त्रिपुरसुंदरी
- माँ भुवनेश्वरी
- माँ छिन्नमस्ता
- माँ त्रिपुर भैरवी
- माँ धूमावती
- माँ बगलामुखी
- माँ मातंगी
- माँ कमला
🪔 गुप्त नवरात्रि पूजा विधि
- प्रतिपदा तिथि को घटस्थापना करें
- अखंड ज्योति प्रज्वलित करें
- प्रतिदिन प्रातः व सायं देवी पूजन करें
- मंत्र जाप व ध्यान करें
- अष्टमी या नवमी को कन्या पूजन करें
📖 शास्त्रीय मान्यता
मान्यता है कि गुप्त नवरात्रि में की गई साधना शीघ्र फल देती है।
ऋषि विश्वामित्र और मेघनाद ने इसी काल में महाविद्या साधना कर
अद्भुत शक्तियाँ प्राप्त की थीं।
🕉️ शक्तिशाली स्तुति मंत्र
जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी।
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु ते॥
देहि सौभाग्यमारोग्यं देहि मे परमं सुखम्।
रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥
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लग्न अनुसार घटस्थापना का फल
देवी पूजा में शुद्ध मुहूर्त एवं सही व शास्त्रोक्त पूजन विधि का बहुत महत्व है। शास्त्रों में विभिन्न लग्नानुसार घट स्थापना का फल बताया गया है-
1. मेष- धन लाभ
2. वृष- कष्ट
3. मिथुन- संतान को कष्ट
4. कर्क- सिद्धि
5. सिंह- बुद्धि नाश
6. कन्या- लक्ष्मी प्राप्ति
7. तुला- ऐश्वर्य प्राप्ति
8. वृश्चिक- धन लाभ
9. धनु- मान भंग
10. मकर- पुण्यप्रद
11. कुंभ- धन-समृद्धि की प्राप्ति
12. मीन- हानि एवं दुःख की प्राप्ति होती है।
मेष राशि
इस राशि के लोगों को स्कंदमाता की पूजा करनी चाहिए। दुर्गा सप्तशती या दुर्गा चालीसा का पाठ करें।
वृषभ राशि
इस राशि के लोग देवी के महागौरी स्वरुप की पूजा करें व ललिता सहस्त्रनाम का पाठ करें।
मिथुन राशि
इस राशि के लोग देवी यंत्र स्थापित कर मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करें। इससे इन्हें लाभ होगा।
कर्क राशि
इस राशि के लोगों को मां शैलपुत्री की उपासना करनी चाहिए। लक्ष्मी सहस्त्रनाम का पाठ भी करें।
सिंह राशि
इस राशि के लोगों के लिए मां कूष्मांडा की पूजा विशेष फल देने वाली है। दुर्गा मन्त्रों का जाप करें।
कन्या राशि
इस राशि के लोग मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करें। लक्ष्मी मंत्रो का विधि-विधान पूर्वक जाप करें।
तुला राशि
इस राशि के लोगों को महागौरी की पूजा से लाभ होता है। काली चालीसा का पाठ करें।
वृश्चिक राशि
स्कंदमाता की पूजा से इस राशि वालों को शुभ फल मिलते हैं। दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
धनु राशि
इस राशि के लोग मां चंद्रघंटा की आराधना करें। साथ ही उनके मन्त्रों का विधि-विधान से जाप करें।
मकर राशि
इस राशि वालों के लिए मां काली की पूजा शुभ मानी गई है। नर्वाण मन्त्रों का जाप करें।
कुंभ राशि
इस राशि के लोग मां कालरात्रि की पूजा करें। नवरात्रि के दौरान रोज़ देवी कवच का पाठ करें।
मीन राशि
इस राशि वाले मां चंद्रघंटा की पूजा करें। हल्दी की माला से बगलामुखी मंत्रो का जाप भी करें।
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निष्कर्ष
माघ गुप्त नवरात्रि आत्मशुद्धि, साधना सिद्धि और देवी कृपा प्राप्ति का
श्रेष्ठ अवसर है। श्रद्धा और नियम से की गई साधना अवश्य फल देती है।
🙏 जय माता दी 🙏
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