शुभ प्रभात खिलखिलाती सुबह है ताजगी भरा है सवेरा फूलों और बहारों ने रंग अपना है बिखेरा बस इंतजार है आपकी मुस्कुराहट
शुभ प्रभात खिलखिलाती सुबह है ताजगी भरा है सवेरा फूलों
शुभ प्रभात खिलखिलाती सुबह है ताजगी भरा है सवेरा फूलों
आपके सिवा हम किसी और के कैसे हो सकते हैं,
दुनिया उम्मीद तोड़ सकती है पर दुनिया बनाने वाला नहीं
चल जिंदगी कुछ नया करते हैं जो उम्मीद दूसरों से
प्रेम सदा माफ़ी माँगना पसंद करता है और अहंकार सदा
चिंता हमें नहीं अपनी, चिंता उन्हें हमारी है हमारी नाव
हे गोविंद में आपका हूँ मुझे पता है कि आप
लम्हे ये सुहाने साथ हो न हो कल में आज
सच्चे गुरु का कहा मिलेंगे ? सच्चे गुरु की पहचान