दुःख में इंसान ईश्वर को याद करता है लेकिन सुख में इंसान ईश्वर को भूल जाता है। अगर सुख में भी इंसान ईश्वर के करीब रहे तो दुःख ही क्यों हो

In misery, man remembers God, but in happiness man forgets God. If humans remain close to God even in happiness then why should there be sorrow