Radhe Krishna पता नहीं कैसे परखता है मुझे मेरा ईश्वर
पता नही कैसे परखता है। मुझे मेरा ईश्वर इम्तिहान भी
पता नही कैसे परखता है। मुझे मेरा ईश्वर इम्तिहान भी
हमारी आस्था की सबसे बड़ी परीक्षा तब होती है, जब
श्री हरी चरण दुःख हरण, चरन-कमल बंदौ हरि राई ।
मुझसे ज़्यादा तुझे मेरी आँखें चाहती हैं.. जब भी तुझे
दुःख हर इंसान के जीवन मे कभी ना कभी जरूर
जिस चीज का डर लगता है वही चीज करो, डर
मेरे सांवरिया बस तेरे चरणों का हो दीदार। तेरी शरण
अवसर और सूर्योदय में एक ही समानता है, देर करने
प्रेम का अर्थ किसी को पाना नहीं किन्तु उसमें खो
हे सांवरिया आपके ख्यालो का तकिया जब सिराहने लगाते हैं,