यह बिलकुल सत्य है कि दूसरों के साथ हम जैसा व्यवहार करते हैं वैसा ही व्यवहार वे हमारे साथ करते हैं
यह बिलकुल सत्य है कि दूसरों के साथ हम
यह बिलकुल सत्य है कि दूसरों के साथ हम
किसी का भी उदय अचानक नहीं होता, सूर्य भी धीरे-धीरे
अहम भाव में मत आओ किसी को कुछ देकर क्या
श्रीकृष्ण से अच्छा सारथी और कोई नहीं हो सकता प्रश्न
ऊँची आवाज में तो वो चिल्लाते हैं, जिन्हें झूठ बोलना
तुझसे ज्यादा दिल को मेरे कुछ भी नहीं भाता सांवरिया..
मैं प्रभु की प्रेम भाव और शुद्ध मन से प्रार्थना
Even if the introduction of a human being begins with
मेरे सांवरिया यूंही तुम्हें धड़कन नहीं कहते हम, सांसे चलती
जिसे तुम्हारी ज़रूरत ना हो फिर भी जो तुमसे रिश्ता