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नौ ग्रह: जानें नौ ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव और निवारण के सरल उपाय
आकाश मण्डल में यूँ तो अनेक ग्रह है लेकिन सात ग्रह व दो छाया ग्रहों का ही महत्व हमारे ज्योतिष शास्त्र में मिलता है। सूर्य से- आत्मा, साहस, पराक्रम, धैर्य
जानें क्या होता है शकुन और अपशकुन, जानें जीवन की किन घटनाओं से मिलता है शुभ संकेत
शकुन शास्त्र के 12 सूत्र घर में हर छोटी वस्तु का अपना महत्व होता है। कभी-कभी बेकार समझी जाने वाली वस्तु भी घर में अपनी उपयोगिता सिद्ध कर देती है।
जानें तिरुपति बालाजी की कहानी Tirupati Balaji Story in Hindi
तिरुपति बालाजी की कहानी Tirupati Balaji Story In Hindi Tirupati Balaji भारत के आंध्रप्रदेश के चित्तूर जिले के तिरुपति में तिरूमाला की पहाड़ी पर विराजमान “तिरुपति बालाजी” विश्व के सबसे
Lord Ganesh: जानें श्री गणेश की सवारी मूषक की कहानी
श्री गणेशजी की सवारी मूषक की कथा | Ganesh ji KI savaaree mooshak ke Kahani - सभी धार्मिक कार्यों और पूजा पाठ में सर्वप्रथम गणेश जी की पूजा की जाती
दान: एक हाथ से दिया गया दान हज़ारों हाथों से लौटता है जानें दान का महत्व और दान के प्रकार
एक हाथ से दिया गया दान हज़ारों हाथों से लौटता है। जानें दान का महत्व प्रगट चारि पद धर्म के कलि महुँ एक प्रधान। जेन केन बिधि दीन्हें दान करइ
भगवान परशुराम जन्मोत्सव विशेष: जानें भगवान परशुराम की कथा
भगवान परशुराम जन्मोत्सव हिन्दू पंचांग के वैशाख माह की शुक्ल पक्ष अक्षय तृतीया को परशुराम जयंती के रूप में भी मनाया जाता है. ऐसा माना जाता है कि इस दिन
अक्षय तृतीया पौराणिक महात्म्य एवं जैनियों में अक्षय तृतीया की मान्यताएँ शीघ्र विवाह और धन प्राप्ति के लिए शुभ उपाय
अक्षय तृतीया पौराणिक महात्म्य अक्षय तृतीया व्रत विधि अक्षय तृतीया के दान एवं खरीददारी शीघ्र विवाह और धन प्राप्ति के लिए शुभ उपाय जैनियों में अक्षय तृतीया की मान्यताएँ वैशाख
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग: जब धरती फाड़कर प्रकट हुए महाकाल, जानें महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की कथा
Mahakaleshwar Jyotirlinga शिव के 12 ज्योतिर्लिंग जिनको श्रद्धा भाव से पूजा जाता है। इसमें से एक ज्योतिर्लिंग महाकालेश्वर है जो मध्यप्रदेश के उज्जैन में स्थित है। आइए जानते हैं महाकालेश्वर
श्रीशिवपञ्चाक्षरस्तोत्रम: जानें श्री शिव पञ्चाक्षर स्तोत्रम हिन्दी अर्थ सहित
शिवपञ्चाक्षर स्तोत्र के रचयिता आदि गुरु शंकराचार्य हैं, जो परम शिवभक्त थे। शिवपञ्चाक्षर स्तोत्र पंचाक्षरी मन्त्र नमः शिवाय पर आधारित है। ॥ श्रीशिवपञ्चाक्षरस्तोत्रम् ॥ नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय, भस्माङ्गरागाय महेश्वराय । नित्याय