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जानें देव मन्दिर की साफ-सफाई करने का महत्व, जानें पूजा के पांच प्रकार
सेवा छोटी-बड़ी नहीं होती है । जिस सेवाकार्य में अभिमान नहीं, कोई स्वार्थ नहीं, वह छोटी सेवा भी महान सेवा बन जाती है । भरत जी ने भगवान श्रीराम की
वैशाख मास माहात्म्य: जानें वैशाख मास माहात्म्य अध्याय 13
वैशाख मास माहात्म्य अध्याय 13 (अन्तिम) इस अध्याय में:- वैशाख मास की अन्तिम तीन तिथियों की महत्ता तथा ग्रन्थ का उपसंहार श्रुतदेवजी कहते हैं–राजेन्द्र वैशाख के शुक्ल पक्ष में जो
वैशाख मास माहात्म्य: जानें वैशाख मास माहात्म्य अध्याय 12
वैशाख मास माहात्म्य अध्याय - 12 इस अध्याय में:– वैशाख की अक्षय तृतीया और द्वादशी की महत्ता, द्वादशी के पुण्यदान से एक कुतिया का उद्धार श्रुतदेवजी कहते हैं जो मनुष्य
जानें गंगा में ही क्यों किया जाता है अस्थियों का विसर्जन ?
फूल (अस्थियों) का गंगा आदि पवित्र नदियों में विसर्जन क्यों ? मृतक की अस्थियों (हड्डियों) को धार्मिक दृष्टिकोण से 'फूल' कहते हैं। इसमें अगाध श्रद्धा और आदर प्रकट करने का
वैशाख मास माहात्म्य: जानें वैशाख मास माहात्म्य अध्याय 11
वैशाखमास-माहात्म्य अध्याय 11 इस अध्याय में:- धर्मवर्ण की कथा, कलि की अवस्था का वर्णन, धर्मवर्ण और पितरों का संवाद एवं वैशाख की अमावास्या की श्रेष्ठता मिथिलापति ने पूछा–ब्रह्मन् इस वैशाख
वैशाख मास माहात्म्य: जानें वैशाख मास माहात्म्य अध्याय 10
वैशाखमास-माहात्म्य अध्याय 10 इस अध्याय में:- वैशाख मास के माहात्म्य-श्रवण से सर्प के उद्धार और एक वैशाख धर्म के पालन तथा रामनाम-जप से व्याध का वाल्मीकि होना देव कहते हैं-
वैशाख मास माहात्म्य: जानें वैशाख मास माहात्म्य अध्याय 09
वैशाख मास माहात्म्य अध्याय - 09 इस अध्याय में:- भगवान् विष्णु के स्वरूप का विवेचन, प्राण की श्रेष्ठता, जीवों के विभिन्न स्वभावों और कर्मों का कारण तथा भागवत धर्म व्याध
वैशाख मास माहात्म्य: जानें वैशाख मास माहात्म्य अध्याय 08
वैशाख मास माहात्म्य अध्याय - 08 इस अध्याय में:- शंख-व्याध-संवाद, व्याध के पूर्वजन्म का वृत्तान्त श्रुतदेवजी कहते हैं- राजन पम्पा के तट पर कोई शंख नाम से प्रसिद्ध परम यशस्वी
वैशाख मास माहात्म्य: जानें वैशाख मास माहात्म्य अध्याय 07
वैशाख मास माहात्म्य अध्याय 07 इस अध्याय में:- राजा पुरुयशा को भगवान् का दर्शन, उनके द्वारा भगवत्स्तुति और भगवान् के वरदान से राजा की सायुज्य मुक्ति श्रुतदेव कहते हैं परमात्मा