हनुमान जी को चोला चढ़ाने की विधि और लाभ

श्री हनुमान जी को चोला चढ़ाना अत्यंत शुभ और फलदायी माना गया है। इससे भक्त को हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं।

🪔 हनुमान जी को चोला चढ़ाने के लाभ

  • हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है
  • शनि की साढ़ेसाती और ढैया से राहत मिलती है
  • राहु-केतु के दोष कम होते हैं
  • जीवन के संकट और बाधाएं दूर होती हैं
  • रोगों से मुक्ति मिलती है
  • मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं
  • दीर्घायु और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है

मान्यता: हनुमान जी को सिंदूर का चोला चढ़ाने से भगवान श्रीराम भी प्रसन्न होते हैं।

🧾 चोला चढ़ाने की सामग्री

  • हनुमान जी का सिंदूर
  • देसी गाय का घी / चमेली का तेल
  • गंगाजल मिश्रित जल
  • चांदी या सोने का वर्क
  • धूप और दीप
  • लडडू का भोग
  • श्री हनुमान चालीसा

🪔 चोला चढ़ाने की विधि

  1. सबसे पहले पुराने चोले को उतारें
  2. गंगाजल से हनुमान जी को स्नान कराएं
  3. साफ कपड़े से प्रतिमा को पोंछ लें
  4. सिंदूर में घी या चमेली तेल मिलाकर लेप बनाएं
  5. दाएं हाथ से पूरे शरीर पर सिंदूर चढ़ाएं
  6. इसके बाद चांदी या सोने का वर्क लगाएं
  7. लडडू का भोग लगाएं
  8. धूप-दीप दिखाएं और हनुमान चालीसा का पाठ करें

⚠️ चोला चढ़ाने की सावधानियां

  • चोला मंगलवार या शनिवार को ही चढ़ाएं
  • हनुमान जयंती, रामनवमी, होली, दीपावली पर विशेष फल मिलता है
  • सिंदूर “सवा” मात्रा में लें (जैसे सवा पाव, सवा किलो)
  • मंगलवार को घी और शनिवार को चमेली तेल का उपयोग करें
  • साफ लाल या पीले वस्त्र पहनें
  • पहले पुराना चोला अवश्य उतारें
  • चोला चढ़ाते समय मंत्र जाप करें

📿 चोला चढ़ाने का मंत्र

सिन्दूरं रक्तवर्णं च सिन्दूरतिलकप्रिये।
भक्त्या दत्तं मया देव सिन्दूरं प्रतिगृह्यताम।।

श्री हनुमान जी को स्त्री द्वारा चोला नही चढ़ाना चाहिए और ना ही चोला चढ़ाते समय स्त्री मंदिर में होनी चाहिए !

हनुमान जी को चोला चढ़ाने के समय साधक की श्वास प्रतिमा पर नही लगनी चाहिए

श्री हनुमान जी को चोला सृष्टि क्रम (पैरों से मस्तक तक चढ़ाने में देवता सौम्य रहते हैं) में चढ़ाना चाहिए संहार क्रम (मस्तक से पैरों तक चढ़ाने में देवता उग्र हो जाते हैं) यदि आपको कोई मनोकामना पूरी करनी है तो पहले उग्र क्रम से चढ़ाये मनोकामना पूरी होने के बाद सोम्य क्रम में चढ़ाये चोला चढ़ाने के बाद हनुमान जी को लडडू का भोग लगाकर नीचे दिए क्रम से धूप दीप के बाद क्षमा याचना करें

🔥 धूप-दीप मंत्र

साज्यं च वर्तिसंयुक्तं वह्निना योजितं मया।

दीपं गृहाण देवेश त्रैलोक्यतिमिरापहम्।।

भक्त्या दीपं प्रयच्छामि देवाय परमात्मने।।

त्राहि मां निरयाद् घोराद् दीपज्योतिर्नमोस्तु ते।।

ऊँ हनुमते नम:, दीपं दर्शयामि।।

🙏 पूजन विधि (अंतिम चरण)

  • 11 बार हनुमान चालीसा का पाठ करें
  • कर्पूर से आरती करें
  • भगवान से प्रार्थना करें

🕉️ क्षमा याचना मंत्र

मन्त्रहीनं क्रियाहीनं भक्तिहीनं सुरेश्वरम्।
यत् पूजितं मया देव परिपूर्णं तदस्तु मे।।

आवाहनं न जानामि न जानामि विसर्जनम्।
पूजा चैव न जानामि क्षमस्व परमेश्वर।।


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❓ FAQ

Q1. हनुमान जी को चोला कब चढ़ाना चाहिए ?
मंगलवार और शनिवार को चढ़ाना सबसे शुभ माना जाता है।

Q2. चोला चढ़ाने से क्या लाभ होता है ?
शनि दोष दूर होते हैं और जीवन के संकट समाप्त होते हैं।

Q3. चोला चढ़ाने में कौन सा तेल उपयोग करें ?
मंगलवार को घी और शनिवार को चमेली तेल उपयोग करें।

Q4. क्या घर में चोला चढ़ा सकते हैं ?
हां, लेकिन मंदिर में चढ़ाना अधिक शुभ माना जाता है।

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